टीम के लगातार खराब प्रदर्शन से आहत पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने एक बार फिर टीम इंडिया के खिलाड़ियों को लताड़ लगाई है। गावस्कर ने कहा कि 2011 वर्ल्ड कप की सफलता के बाद कुछ खिलाड़ी बेहद ही लापरवाह हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘2011 वर्ल्ड कप की सफलता के बाद कुछ खिलाड़ियों का रवैया बेहद ही लापरवाह हो गया है। वे इस तरह से व्यवहार करने लगे हैं जैसे कि विश्व विजेता बनने के बाद वो देश का सबसे महान खिलाड़ी बन गए हों। ऐसा रवैया बिल्कुल बर्दाश्त करने लायक नहीं है।’
गावस्कर हालांकि इसके लिए कोच डंकन फ्लेचर को जिम्मेदार ठहराते हुए बीसीसीआई द्वारा उन्हें बाहर किए जाने के सवाल पर कुछ भी जवाब देने से बचते दिखे। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘मैं इस मामले में धोनी का समर्थन करूंगा जिन्होंने एक बार कहा था कि कोच मैदान पर उतरकर रन नहीं बनाएगा। लेकिन हां, ईपीएल या फिर ला लीगा में अगर टीम लगातार हारती है तो इसका सीधा असर कोच और टीम मैनेजर पर पड़ता है।’ पूर्व ओपनर ने स्वीकार किया कि धोनी पिछले दो दिनों में मैदान पर काफी सक्रिय दिखे हैं।
बकौल गावस्कर, ‘मुझे ऐसा लगता है। धोनी जानते हैं कि उन्हें अब सक्रिय होना होगा। मैं जानता हूं कि चीजें बदल रही हैं और इसमें अधिक समय भी नहीं लगेंगी।’ गावस्कर ने माना कि वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर की नाकामी के कारण भारत बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर पा रहा है। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को सुझाव दिया कि वह कैरियर का पहला टेस्ट खेलने वाले इंग्लैंड के जोए रूट से सीखें कि उन्होंने किस तरह धैर्य के साथ के साथ अपनी पारी को संवारा।