पीयूष ने परिवार के लिए कही यह बात
पीयूष ने लिखा, 'मैं अपने कोचों - श्री के.के. गौतम और स्वर्गीय श्री पंकज सारस्वत का दिल से आभारी हूं - जिन्होंने मुझे एक क्रिकेटर के रूप में विकसित किया और आकार दिया। मेरा परिवार इस सफर में मेरी ताकत और एक स्तंभ रहा है। परिवार का अटूट समर्थन सभी उतार-चढ़ावों के दौरान मेरी नींव रहा है। मेरे दिवंगत पिता का विशेष उल्लेख करना चाहूंगा। उनका मुझ पर अटूट विश्वास रहा और मेरे लिए रास्ता बनाया। उनके बिना यह यात्रा कभी संभव नहीं होती। मैं बीसीसीआई, यूपीसीए (उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन) और जीसीए (गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन) को भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने मुझे एक क्रिकेटर के रूप में खुद को विकसित करने और अभिव्यक्त करने के लिए मंच और अवसर प्रदान किए। आज मेरे लिए बेहद भावनात्मक दिन है, क्योंकि मैं आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों से अपने संन्यास की घोषणा करता हूं। भले ही मैं क्रीज से दूर हो जाऊं, लेकिन क्रिकेट हमेशा मेरे भीतर जिंदा रहेगा। अब मैं इस खूबसूरत खेल की भावना और सबक को अपने साथ लेकर एक नई यात्रा शुरू करने के लिए उत्सुक हूं।'