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T20 WC: क्या 2007 और 2014 के इस रिकॉर्ड को तोड़ पाएगी रोहित की टीम इंडिया? धोनी की कप्तानी में रचा था इतिहास

Thu, 30 May 2024 12:48 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ये तीनों मुकाबले न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। वहीं, 15 जून को टीम इंडिया कनाडा के खिलाफ खेलेगी। भारतीय टीम 11 साल के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने उतरेगी।
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टी20 विश्व कप 2024 - फोटो : PTI
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विस्तार
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आगामी टी20 विश्व कप को लेकर फैंस काफी उत्साहित हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा टी20 विश्व कप है और इसमें 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इंग्लैंड की टीम डिफेंडिंग चैंपियन है और उसकी अगुआई जोस बटलर करेंगे। वेस्टइंडीज और अमेरिका की सह-मेजबानी में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट का फाइनल 29 जून को खेला जाएगा। इस दौरान कुल नौ स्थानों पर 55 मैच खेले जाएंगे। इनमें अमेरिका के तीन मैदानों और वेस्टइंडीज के छह मैदानों को मेजबानी के लिए चुना गया है। रोहित शर्मा की अगुआई में टीम इंडिया अपने अभियान की शुरुआत पांच जून को आयरलैंड के खिलाफ मैच से करेगी। इसके बाद टीम नौ जून को पाकिस्तान और 12 जून को अमेरिका के खिलाफ मैच खेलेगी।
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ये तीनों मुकाबले न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। वहीं, 15 जून को टीम इंडिया कनाडा के खिलाफ खेलेगी। भारतीय टीम 11 साल के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने उतरेगी। वहीं, 2007 में टीम इंडिया ने पिछली बार टी20 विश्व कप जीता था और 2014 में फाइनल में पहुंची थी। इन दोनों अवसरों पर महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के कप्तान रहे थे। भारत ने किसी टी20 विश्व कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा मैच धोनी की ही कप्तानी में जीते हैं। क्या रोहित की कप्तानी में यह रिकॉर्ड टूट पाएगा? आइए जानते हैं...

2007 मेें चैंपियन बनी टीम इंडिया - फोटो : ICC
2007 और 2014 में भारत ने 5-5 मैच जीते
भारत ने 2007 में जब टी20 विश्व कप जीता था तो कुल सात मैच खेले थे। इसमें से टीम इंडिया ने पांच में जीत हासिल की थी और एक में हार का सामना करना पड़ा था। एक मैच बेनतीजा रहा था। वहीं, 2014 में भी जब टीम इंडिया फाइनल में पहुंची थी तो कुल छह में से पांच मैच जीते थे और एक में हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय टीम तब सीधे जाकर फाइनल में श्रीलंका से हारी थी। बाकी किसी संस्करण में टीम इंडिया ने पांच या इससे ज्यादा मैच नहीं जीते हैं। 2009 में टीम इंडिया सुपर-8 राउंड से बाहर हो गई थी और पांच में से सिर्फ दो मैच जीते थे। 2010 में भी टीम इंडिया ने पांच में से दो मैच जीते थे। 2012 में टीम ने पांच में से चार मैच जीते थे। इन तीनों संस्करण में भारतीय टीम सुपर-8 राउंड से बाहर हो गई थी।

2014 टी20 विश्व कप - फोटो : PTI
2022 में टीम इंडिया सेमीफाइनल में हारी थी
2016 में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी और वेस्टइंडीज से हार गई थी। इस संस्करण में भारत ने पांच में से तीन मुकाबले जीते थे। वहीं, 2021 में भारतीय टीम ने पांच में से तीन मैच जीते थे। टीम सुपर-12 में हारकर बाहर हो गई थी। 2022 में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी और छह में से चार मैच जीते थे। दो में हार का सामना करना पड़ा था। अब रोहित एंड कंपनी के पास धोनी के किसी एक संस्करण में पांच मैच जीतने के रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका है। इस साल टीम इंडिया लीग स्टेज में ही चार मैच खेलेगी। इसके बाद सुपर-8 खेला जाएगा। उसमें अगर टीम इंडिया पहुंचती है तो तीन मैच खेलेगी। और फिर सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम अगर फाइनल में पहुंचती है तो धोनी का रिकॉर्ड टूट सकता है।
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विराट कोहली, रोहित शर्मा और धोनी - फोटो : ANI
रोहित और विराट के पास अंतिम मौका?
भारत की सबसे अनुभवी टीम इस साल विश्व कप में खेलती दिखेगी। इतना ही नहीं, यह रोहित और विराट कोहली का आखिरी टी20 विश्व कप भी कहा जा रहा है। रोहित ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू 2007 में किया था, जबकि कोहली ने इससे एक साल बाद दांबुला में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला थे। अगला टी20 विश्व कप 2026 में है जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से करेंगे, लेकिन तब रोहित 40 बरस के होने वाले होंगे और कोहली 38 वर्ष के होंगे।

वनडे प्रारूप का विश्व कप इसके एक और साल बाद होगा। खेल की स्ट्राइक रेट से जुड़ी प्रकृति में लगातार इजाफा हो रहा है और इसे देखते हुए इन दोनों को इनमें से किसी में भी खेलते हुए देखना मुश्किल है। इसलिए रोहित और कोहली दोनों अगले महीने विजेता का पदक अपने गले में लटकाए मंच से विदा लेना चाहेंगे। अगर वे ऐसा कर पाते हैं तो यह 2007 टी20 विश्व कप (रोहित) और 2011 में 50 ओवर के विश्व कप (कोहली) के बाद उनका दूसरा विश्व खिताब होगा। यह उन दो खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन विदाई होगी जिन्होंने पिछले 17 वर्षों में भारत के सीमित ओवरों के क्रिकेट में काफी प्रभाव डाला।
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