सुपर-12 राउंड के लिए चार टीमों का फैसला 16 अक्तूबर से शुरू हो रहे क्वालिफाइंग राउंड से होगा। क्वालिफायर राउंड में आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है- ग्रुप-ए और ग्रुप-बी। ग्रुप-ए में नामीबिया, नीदरलैंड, श्रीलंका और यूएई की टीमें हैं। वहीं, ग्रुप-बी में आयरलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीमें हैं। टॉप की चार टीमें अगले राउंड यानी सुपर-12 राउंड के लिए क्वालिफाई करेंगी।
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टी20 वर्ल्ड कप से पहले कप्तानों का फोटोशूट
- फोटो : सोशल मीडिया
टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत हो चुकी है। 16 से 21 अक्तूबर तक क्वालिफाइंग राउंड के मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद 22 अक्तूबर से सुपर-12 राउंड की शुरुआत होगी। भारतीय टीम अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 23 अक्तूबर को पाकिस्तान के खिलाफ करेगी। भारत और पाकिस्तान को सुपर-12 राउंड के ग्रुप-2 में रखा गया है। इसमें इन दोनों टीमों के अलावा बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, ग्रुप-बी की विनर टीम और ग्रुप-ए की रनर अप टीमें होंगी। वहीं, सुपर-12 राउंड के ग्रुप-1 में अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ग्रुप-ए की विनर टीम और ग्रुप-बी की रनर अप टीमें होंगी।
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पिछले साल ऑस्ट्रेलिया की टीम चैंपियन बनी थी।
- फोटो : सोशल मीडिया
सुपर-12 राउंड के लिए चार टीमों का फैसला 16 अक्तूबर से शुरू हो रहे क्वालिफाइंग राउंड से होगा। क्वालिफायर राउंड में आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है- ग्रुप-ए और ग्रुप-बी। ग्रुप-ए में नामीबिया, नीदरलैंड, श्रीलंका और यूएई की टीमें हैं। वहीं, ग्रुप-बी में आयरलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीमें हैं। टॉप की चार टीमें अगले राउंड यानी सुपर-12 राउंड के लिए क्वालिफाई करेंगी।
भारत इस समय टी-20 में नंबर-वन है। टी20 विश्वकप का पहला संस्करण 2007 में खेला गया था। तब भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में खिताब जीता था। विजेता टीम का हिस्सा रहे रोहित शर्मा 15 साल बाद अपनी कप्तानी में टीम को दूसरा विश्व खिताब दिलाना चाहेंगे।
टी20 विश्वकप का यह आठवां संस्करण है। भारतीय टीम एक बार खिताब जीती है, तो 2014 के फाइनल में श्रीलंका से हार गई थी। आइए ऐसे में जानते हैं सुपर 12 के लिए क्वालिफाई करने वाली आठ टीमों भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका की ताकत और कमजोरी।
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अपनी धरती पर खिताब का बचाव करना चाहेगी ऑस्ट्रेलिया
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ऑस्ट्रेलियाई टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
ऑस्ट्रेलिया के सामने ठीक एक वर्ष बाद ही टी20 विश्व खिताब का बचाव करने की चुनौती आ गई है। पिछले साल 14 नवंबर को दुबई में ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली बार टी-20 में विश्व चैंपियन बनी थी। ऑस्ट्रेलिया यदि खिताब का बचाव करती है तो लगातार दो टी20 विश्व खिताब जीतने वाली पहली टीम होगी।
ताकत
ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत वह अपने घर में खेलेगी। यह टीम मैदानों से अच्छी तरह परिचित है। मेजबान टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण सभी में संतुलित है। सिंगापुर में जन्मे टिम डेविड टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने भारत दौरे पर भी प्रभावी प्रदर्शन किया था।
पिछले साल की विजेता टीम का हिस्सा रहे डेविड वॉर्नर बेहतरीन फॉर्म में हैं। मिचेल स्टार्क और दुनिया के नंबर एक टी-20 गेंदबाज जोश हेजलवुड टीम की मुख्य कड़ी हैं। कप्तान एरोन फिंच ने टी-20 पर फोकस करने के लिए वनडे की कप्तानी छोड़ दी है।
कमजोरी
ऑस्ट्रेलिया की टीम के ऊपर अपने घर में बेहतरीन प्रदर्शन करने का दबाव होगा। सुपर 12 में ऑस्ट्रेलिया के ग्रुप एक में गत वर्ष की उपविजेता न्यूजीलैंड और उसकी चिरप्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड भी है। ऐसे में थोड़ी सी गलती टीम पर भारी पड़ सकती है। हाल ही में भारत दौरे पर आई ऑस्ट्रेलिया की टीम टी-20 सीरीज 1-2 से हार गई थी। इसके बाद इंग्लैंड से भी एक मैच हारी है।
टी-20 रैंकिंग : 06
भारत : नंबर वन टीम 15 साल बाद फिर जीतना चाहेगी विश्व खिताब
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भारतीय टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
2013 के बाद से टीम इंडिया कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सकी है। पिछले साल कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया सुपर-12 के राउंड से ही बाहर हो गई थी। इस साल कप्तान रोहित शर्मा हैं। ऐसे में टीम इंडिया पिछले नौ सालों में पहली बार कोई आईसीसी ट्रॉफी उठाना चाहेगी।
ताकत
भारत की सबसे बड़ी मजबूती उसकी बल्लेबाजी है। रोहित शर्मा, केएल राहुल दुनिया के श्रेष्ठ ओपनर हैं। दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने अपनी फॉर्म वापस पा ली है। चौथे नंबर के बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव से धुरंधर गेंदबाज भय खाते हैं। ऑलारउंडर हार्दिक पांड्या मैच का रुख कभी भी अपनी ओर मोड़ सकते हैं। आर अश्विन और यजुवेंद्र चहल सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं। भारतीय टीम इस समय टी20 में नंबर-वन है। उसका ऑस्ट्रेलिया में रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है।
कमजोरी
भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी तेज गेंदबाजी है। विशेषकर डेथ ओवरों में विरोधी टीम पर अंकुश नहीं लगा पाना है। जसप्रीत बुमराह भी टीम में नहीं हैं। उनकी जगह शामिल किए गए मोहम्मद शमी कोरोना से रिकवर होकर आए हैं। बड़ा लक्ष्य देने के बावजूद भी उसका बचाव नहीं कर पाना टीम की कमजोर कड़ी है।
टी20 रैंकिंग : 01
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न्यूजीलैंड : कीवी कप्तान विलियमसन विश्वकप ट्रॉफी उठाने को लेकर बेकरार
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न्यूजीलैंड टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
2015 और 2019 में वनडे विश्वकप और 2021 टी20 विश्वकप की उपविजेता रही न्यूजीलैंड की टीम इस बार विश्वकप ट्रॉफी जीतने को बेकरार है। कप्तान केन विलियमसन दो बार से लगातार विश्वकप की ट्रॉफी के नजदीक पहुंचकर चूक रहे हैं। वह चाहेंगे कि इस बार यह ट्रॉफी उनके हाथ में आए।
मजबूती
न्यूजीलैंड इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का विजेता है। डेवोन कॉन्वे, केन विलियसन, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स बल्लेबाजी की मजबूती हैं। बल्लेबाजी ऑलराउंडर जिम्मी नीशम टीम का आधार हैं। वहीं, गेंदबाजी में ट्रेंट बोल्ट, लॉकी फर्ग्यूसन और टिम साउदी कमान संभालेंगे। स्पिन ऑलराउंडर मिचेल ब्रेसवेल नई खोज हैं।
कमजोरी
कीवी टीम की सबसे बड़ी कमजोरी सफेद गेंदों के फाइनल में नहीं जीत पाना है। उसके खेल में कंसिस्टेंसी की कमी है। इसके साथ ही न्यूजीलैंड को इस बार इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के कठिन ग्रुप में रखा गया है। डेरिल मिचेल और फर्ग्यूसन चोट से वापसी कर रहे हैं। हाल ही में अपने घर में ही पाकिस्तान से टी-20 त्रिकोणीय सीरीज हारी।
टी20 रैंकिंग : 05
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अफगानिस्तान : किसी भी टीम का बिगाड़ सकती है गणित
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अफगानिस्तान की टीम
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अफगानिस्तान की टीम को भले ही विश्वकप जीत का दावेदार नहीं माना जा रहा है, लेकिन इस टीम के अंदर किसी भी अच्छी टीम का गणित बिगाड़ने की पूरी क्षमता है। हाल ही में हुए एशिया कप में श्रीलंका को हराया था और सुपर-4 में पहुंची थी।
मजबूती
अफगानिस्तान का सबसे मजबूत पक्ष उसकी स्पिन गेंदबाजी है। राशिद खान जैसा विश्व प्रसिद्ध स्पिनर है। टीम इंग्लैंड के जोनाथन ट्रॉट से बल्लेबाजी और पाकिस्तान के धाकड़ गेंदबाज रहे उमर गुल से गेंदबाजी का प्रशिक्षण हासिल कर रही है। उमर गुल टी-20 विश्वकप के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हैं। कप्तान मोहम्मद नबी टी-20 के नंबर एक ऑलराउंडर हैं।
कमजोरी
अफगानिस्तान के पास स्पिन गेंदबाजी तो अच्छी है। उसकी बल्लेबाजी में उतना दम नहीं है, जो ऑस्ट्रेलिया की तेज और उछाल वाली पिचों पर पेस आक्रमण का सामना कर सके। ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज और हजरतुल्लाह जजई को उछाल भरी पिचों पर खेलने का लगभग कोई अनुभव नहीं है।
टी20 रैंकिंग : 10
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बांग्लादेश: पिछली गलतियों को सुधारना चाहेगी टीम
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बांग्लादेश की टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
मजबूती
बांग्लादेश की सबसे बड़ी मजबूती उसके कप्तान शाकिब अल असन हैं। वह दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर हैं। मौजूदा रैंकिंग में वह दूसरे नंबर पर हैं। इसके अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास और मध्यक्रम में अफीफ हुसैन भी अच्छी फॉर्म में हैं। इस टीम के अंदर मजबूत टीमों को भी हराने की काबलियत है।
कमजोरी
बांग्लादेश ने इस वर्ष में एक भी टी-20 सीरीज नहीं जीती है। उसे जिम्बाब्वे जैसी कमजोर टीम के खिलाफ भी हाल ही में टी-20 सीरीज 1-2 से गंवानी पड़ी थी। गेंदबाजी और बल्लेबाजी में ज्यादा गहराई नहीं।
टी20 रैंकिंग : 09
दक्षिण अफ्रीका : पहली आईसीसी ट्रॉफी का इंतजार
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दक्षिण अफ्रीका की टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
दक्षिण अफ्रीका की टीम आज तक एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सकी। मार्क बाउचर जो काम खिलाड़ी रहते नहीं कर सके वह कोच के रूप में करना चाहेंगे। बाउचर घोषणा कर चुके हैं कि राष्ट्रीय टीम के साथ यह उनका अंतिम टूर्नामेंट है। इसके बाद वह मुंबई इंडियंस के साथ कोचिंग करेंगे।
मजबूती
मध्यक्रम के बल्लेबाज डेविड मिलर शानदार फॉर्म में हैं। वह मैच का पासा बदलने की क्षमता रखते हैं। कगिसो रबाडा की अगुआई में एनरिच नोर्त्जे और लुंगी एनगिडी पेस गेंदबाजी को मजबूत बनाते हैं। स्पिन में केशव महाराज और तबरेज शम्सी विश्व स्तरीय हैं। शम्सी पूर्व में नंबर एक टी-20 गेंदबाज रह चुके हैं।
कमजोरी
रासी वान डर डुसेन और ड्वेन प्रिटोरियस चोट की वजह से टीम का हिस्सा नहीं हैं। इससे कप्तान तेम्बा बावुमा दबाव में हैं, वह खुद फॉर्म में नहीं हैं। राइली रूसो ने लंबे समय बाद वापसी की है। उन्होंने भारत में एक शतक लगाया, लेकिन दो बार शून्य पर भी आउट हुए। तेज गेंदबाजी भले ही दक्षिण अफ्रीका की ताकत है, लेकिन उसके बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया की तेज और उछाल वाली पिचों पर रन बनाने के लिए काफी मेहनत करनी होगी।
टी20 रैंकिंग : 04
2009 की विजेता पाकिस्तान में है काफी दम
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पाकिस्तान की टीम
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पाकिस्तान की टीम 2007 के पहले संस्करण का फाइनल खेली। इसमें वह भारत से हार गई। इसके बाद 2009 का उसने खिताब जीता। इसके बाद पाक टीम इस छोटे संस्करण के तीन सेमीफाइनल खेल चुकी है। टीम के पास कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं, जो उसे विजेता बना सकते हैं।
मजबूती
कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की सलामी जोड़ी पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत है। रिजवान टी20 के नंबर एक बल्लेबाज हैं। शाहीन शाह आफरीदी की अगुआई में तेज गेंदबाजी आक्रमण शानदार है। मोहम्मद नवाज और शादाब खान स्पिन ऑलराउंडर हैं। हाल ही में न्यूजीलैंड में खेली त्रिकोणीय सीरीज का खिताब भी पाकिस्तान ने जीता है।
कमजोरी
बल्लेबाजी में बाबर और रिजवान पर अधिक निर्भरता चिंता का विषय है। मध्यक्रम कमजोर होने से पाकिस्तान की बल्लेबाजी में गहराई नहीं है। इफ्तिखार अहमद, हैदर अली, आसिफ अली तेज गति से रन नहीं बना पा रहे हैं। फखर जमान चोट से उबर रहे हैं। वहीं, शाहीन को भी अब तक मैच प्रैक्टिस नहीं मिली है।
फॉर्म में चल रही इंग्लैंड का लक्ष्य सफेद गेंद के दोनों खिताब अपने पास रखना
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इंग्लैंड की टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
वनडे की मौजूदा विश्व चैंपियन इंग्लैंड की टीम इस समय अच्छे फॉर्म में चल रही है। उसका लक्ष्य सफेद गेंद के दोनों प्रारूपों के खिताब एक साथ अपने पास रखने का है। इंग्लैंड ने 2016 में टी-20 का खिताब जीता था।
मजबूती
कप्तान जोस बटलर इस वर्ष आईपीएल में शीर्ष रन स्कोरर रहे थे। एलेक्स हेल्स ने लंबे समय बाद वापसी की है। वह बिग हिटर हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलिया में खेलने का अच्छा अनुभव है। टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने भले ही वनडे से संन्यास ले लिया है, लेकिन वह टी-20 के बेहतरीन ऑलराउंडर हैं। लियाम लिविंगस्टोन और डेविड मलान टीम को मजबूती देते हैं। स्पिनर आदिल रशीद और पेसर मार्क वुड मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
कमजोरी
शानदार फॉर्म में चल रहे जॉनी बेयरस्टो चोट की वजह से टीम का हिस्सा नहीं हैं। उनकी भरपाई करना मुश्किल होगा। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर भी टीम का हिस्सा नहीं हैं। वह मार्च 2021 से टीम के लिए कोई मैच नहीं खेले हैं। इयोन मॉर्गन के संन्यास के बाद बटलर के पास कप्तानी का भार है। उनके पास अपने आपको साबित करने की चुनौती होगी।