भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के जवाब दिए। इस दौरान सूर्यकुमार ने खराब फॉर्म में चल रहे मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का बचाव किया। वरुण पिछले कुछ मुकाबलों में महंगे साबित हो रहे हैं, लेकिन कप्तान को भरोसा है कि टी20 का यह नंबर एक गेंदबाज लय हासिल करने में सफल रहेगा।
वरुण की फॉर्म ने बढ़ाई है चिंता
वरुण की फॉर्म को लेकर पिछले कुछ समय से चिंता बनी हुई है। वरुण इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में भी महंगे रहे थे और उन्होंने चार ओवर में 64 रन देकर एक विकेट लिया था। वरुण ने सेमीफाइनल में 16 की इकॉनोमी रेट से रन लुटाए थे। वरुण टीम के अनुभवी और स्टार खिलाड़ी हैं, लेकिन उनका फॉर्म में नहीं होना चिंता की बात है। इस बारे में भी चर्चा चली है कि क्या भारत फाइनल मुकाबले में वरुण की जगह कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को मौका देगा? हालांकि, सूर्यकुमार ने इसे लेकर कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
टीम के एकजुट प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित
सूर्यकुमार ने फाइनल से एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, वरुण को लेकर चिंता की बात नहीं है। हमने मैच जीता और यह एक टीम स्पोर्ट्स है। हमारा ध्यान एक टीम के रूप में प्रदर्शन करने पर केंद्रित रहता है। जब हम जीतते या हारते हैं तो किसी व्यक्तिगत प्रदर्शन के बारे में नहीं सोचते। टीम में 11 खिलाड़ी हैं और सभी लोग एक ही दिन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकते। एक या दो खिलाड़ी का दिन खराब हो सकता है। उस दिन हमें ऐसे प्रदर्शन को कवर करना होता है।
प्लेइंग-11 को लेकर कप्तान ने नहीं खोले पत्ते
सूर्यकुमार ने कहा, 'हम वरुण को लेकर चिंतित नहीं है। वह नंबर एक गेंदबाज हैं और जानते हैं कि कब क्या करना है, किस विपक्षी टीम के खिलाफ किस तरह गेंदबाजी करनी है। उन्हें पता है कि किस तरह आगे बढ़कर हमारे लिए मैच जीतना है। मुझे पूरा यकीन है कि वह ऐसा करेंगे।' कप्तान से जब खिताबी मुकाबले के लिए प्लेइंग-11 में बदलाव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने सटीक जवाब नहीं दिया। सूर्यकुमार ने कहा, क्या बदलाव होंगे इस बारे में मैच के दिन ही पता चलेगा। आप हर चीज आज नहीं जान सकते।
सूर्यकुमार बोले- रोहित के नक्शेकदम पर चल रहा हूं
फाइनल में कप्तानी करने पर सूर्यकुमार ने कहा, डेब्यू करने के छह साल बाद फाइनल तक टीम की कमान संभालना मेरे और परिवार के लिए काफी विशेष है। हां, कुछ हद तक नर्वस भी हूं, लेकिन इस बारे में हमने ज्यादा बात नहीं की। भले ही मैं कप्तानी कर रहा हूं, लेकिन रोहित शर्मा के नक्शेकदम पर चल रहा हूं। रोहित के साथ काफी क्रिकेट खेला है और पता है कि वह क्या सोचते हैं। मैं उस रणनीति और विचार को लागू करना चाहता हूं। गौती भाई (कोच गंभीर) ने भी काफी मदद की है।
'मैं बड़ा भाई या पिता नहीं'
टीम में शामिल युवा खिलाड़ियों को राय देने के बारे में सूर्यकुमार ने स्पष्ट कहा कि वह बड़े भाई या पिता नहीं हैं जो युवाओं को भाषण दें। उन्होंने कहा, आप जितना इन खिलाड़ियों को फ्रीडम देंगे, ये खिलाड़ी उतना ही अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मैं नर्वस हूं, लेकिन अगर दबाव नहीं होगा मजा भी नहीं आएगा। किसी भी तरह के कठिन फैसले मैं और कोच मिलकर लेते हैं। अक्षर पटेल को जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के लिए बाहर बैठाया गया था तो वह खुश नहीं थे। उन्हें खुश होना भी नहीं चाहिए थे, लेकिन हमने उन्हें समझाया कि क्यों ये फैसला लिया गया।