इस्राइल-अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है। इसका असर पश्चिम एशिया के कई देशों में पड़ा जिस कारण उड़ानें भी प्रभावित हो रही है। इसी कारण जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम भी अब तक स्वदेश नहीं लौट सकी है। जिम्बाब्वे की टीम टी20 विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए भारत में है, लेकिन टूर्नामेंट में उनका सफर सुपर आठ चरण में ही थम गया है।
सुपर आठ में समाप्त हुआ अभियान
जिम्बाब्वे टीम ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 विश्व कप में अपना आखिरी मैच खेला था। इस मैच से पहले ही यह तय था कि जिम्बाब्वे की टीम का सफर समाप्त हो गया है और उन्हें सोमवार को स्वदेश वापस जाना था। लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट की वजय से यात्रा में रुकावट आई जिससे टीम अब तक स्वदेश नहीं लौट सकी है।
टूर्नामेंट में किया था प्रभावित
सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में एक भी मैच नहीं गंवाया। इस टीम ने पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज की थी। हालांकि, जिम्बाब्वे को सुपर 8 स्टेज में ग्रुप 1 के तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। विश्व कप अभियान के अंत के बाद इस टीम को दुबई के रास्ते स्वदेश जाना था, लेकिन वहां का एयरपोर्ट बंद होने की वजह से उसे घर लौटने के लिए दूसरे इंतजाम का इंतजार करना पड़ रहा है।
जिम्बाब्वे क्रिकेट ने सोमवार को एक बयान में कहा, जिम्बाब्वे क्रिकेट इस बात की पुष्टि करता है कि जिम्बाब्वे की सीनियर पुरुष टीम आईसीसी टी20 विश्व कप में अभियान खत्म होने के बाद भारत में रुकी हुई है र सुरक्षित है। टीम को दुबई के रास्ते घर लौटना था, लेकिन पश्चिम एशिया में बदलते हालात की वजह से यात्रा प्लान पर असर पड़ा है, जिससे जरूरी ट्रांजिट रूट में रुकावट आई है।
आईसीसी ने इमरजेंसी उपाय शुरू कर दिए हैं और यात्रा के दूसरे इंतजाम करने के लिए इंटरनेशनल एयरलाइन कंपनियों के साथ काम कर रही है। जिम्बाब्वे क्रिकेट, आईसीसी और टीम मैनेजमेंट के साथ लगातार बातचीत कर रहा है, ताकि टीम की सुरक्षित और समय पर वापसी सुनिश्चित हो सके।