टी20 विश्व कप में अपने अभियान का समापन कर चुकी जिम्बाब्वे की टीम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण दुबई हवाई अड्डे के बंद होने के बाद स्वदेश वापसी की योजना पर स्पष्टता का इंतजार कर रही है। जिम्बाब्वे को रविवार को सुपर आठ चरण के उसके आखिरी मैच में दक्षिण अफ्रीका से शिकस्त मिली। इस मैच से पहले ही टीम का सुपर आठ चरण से आगे नहीं बढ़ना तय था और खिलाड़ियों की यात्रा योजना तैयार थी।
सोमवार को होना था रवाना
सिकंदर रजा की अगुआई वाली टीम के अधिकांश खिलाड़ी सोमवार सुबह से दिल्ली से तीन अलग-अलग चरणों में रवाना होने वाले थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर आठ के अंतिम मुकाबले में हार के बाद मुख्य कोच जस्टिन सैमन्स ने बताया कि फिलहाल उन योजनाओं को स्थगित कर दिया गया है। जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर खिलाड़ी ग्रीम क्रीमर दुबई में रहते हैं और मध्य पूर्व के प्रमुख हवाई अड्डों के हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद उनकी यात्रा योजना भी अनिश्चित हो गई है। टीम के खिलाड़ियों को दुबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी।
सैमन्स बोले- टीम के लिए स्थिति को नजरअंदाज करना मुश्किल
मुख्य कोच जस्टिन सैमन्स ने कहा, खिलाड़ियों के लिए इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज करना मुश्किल है लेकिन फिर भी सबका ध्यान खेल पर ही था। सबके दिमाग में यह था कि उन्हें अगली सुबह (सोमवार) को घर के लिए निकलना है। टीम के अंदर इस पर चर्चा हो रही है। लेकिन मैदान पर कदम रखते समय उनका पूरा ध्यान मैच पर था। जब हमने मैच शुरू किया था, तब कोई अपडेट नहीं था। उसके बाद पूरा ध्यान खेल पर रहा। तब से मुझे कोई सूचना नहीं मिली है।
दुबई हवाई अड्डा बंद होने के कारण खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए अदीस अबाबा स्थित इथियोपियन एयरलाइंस के जरिए स्वदेश लौटना एक विकल्प हो सकता है। आईसीसी ने शनिवार को कहा था कि वह भारत और श्रीलंका में आयोजित टी20 विश्व कप से लौट रहे खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था पर काम कर रही है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद उत्पन्न व्यवधान को देखते हुए उठाया जा रहा है।
दक्षिण अफ्रीका अब भी टूर्नामेंट में बना हुआ है और उसे चार मार्च को कोलकाता में सेमीफाइनल खेलना है। दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय रहा है। कॉनराड ने कहा, यह हर बातचीत में सामने आता है। आप इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। हम हालांकि खेल पर ध्यान देने में कामयाब रहे है। इन चीजों को सुलझाने के लिए हूमें अपने प्रबंधन और आईसीसी पर भरोसा है। अभी हमारा पूरा ध्यान कोलकाता में बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है।