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T20 WC: जिस मैदान पर सपना देखा, उसी वानखेड़े में अब अमेरिका की जर्सी में खेलेंगे नेत्रवलकर; याद कर हुए भावुक

Sun, 18 Jan 2026 03:24 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप में वानखेड़े स्टेडियम में खेलकर अपने क्रिकेट सफर का भावुक फुल सर्कल मोमेंट जीने को तैयार हैं। क्रिकेट छोड़कर अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी करने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर उन्होंने इसे अपनी जिंदगी की दूसरी पारी बताया है।
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सौरभ नेत्रवलकर - फोटो : ICC
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विस्तार
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मुंबई में जन्मे अमेरिका के तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर उस भावनात्मक पल के लिए तैयार हैं, जब वह सात फरवरी को वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ अपनी टीम के टी20 विश्व कप अभियान की शुरुआत करेंगे। यह वही मैदान है, जहां से उनके क्रिकेट सफर की शुरुआत हुई थी, लेकिन बाद में उन्होंने एक वैकल्पिक करियर के लिए घर छोड़ दिया था।
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कैसे शुरू हुआ सौरभ का क्रिकेट का सफर?
  • 34 वर्षीय नेत्रवलकर ने 2013 में मुंबई के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला था, जहां उनके साथ सूर्यकुमार यादव और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ी भी थे। इससे पहले वह 2010 अंडर-19 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थे, लेकिन भारतीय सीनियर टीम तक पहुंच नहीं बना सके।
  • इसके बाद नेत्रवलकर ने 2015 में अमेरिका की प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स करने का फैसला किया। उस समय उन्होंने लगभग क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मुंबई की गलियों से शुरू हुआ क्रिकेट का जुनून एक बार फिर उन्हें मैदान तक खींच लाया।
  • आज नेत्रवलकर अमेरिका की राष्ट्रीय टीम के अहम सदस्य हैं और 2024 टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें स्टार बना दिया। वानखेड़े में खेलने को लेकर वह खुद को भावनाओं से भरा हुआ मानते हैं।
  • नेत्रवलकर ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'मुझे नहीं पता कि वहां जाकर मैं कैसे प्रतिक्रिया दूंगा, लेकिन यह निश्चित रूप से एक भावनात्मक पल होगा। मैंने मुंबई में क्रिकेट शुरू किया, फिर खेल छोड़कर अमेरिका चला गया और कभी सोचा भी नहीं था कि दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलूंगा। यह मेरे लिए दूसरी पारी जैसी है, जिसने मुझे फिर से मुंबई तक पहुंचाया।'
  • उन्होंने आगे कहा कि बचपन से ही उनका सपना वानखेड़े में खेलने का था। सौरभ बोले, 'अंडर-15 दिनों से हम वानखेड़े में ट्रेनिंग करते आए हैं। मैं आभारी हूं कि यह मौका अमेरिका के लिए खेलते हुए मिला। मेरे परिवार और दोस्त वहां मौजूद होंगे और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।'

भारत में गेंदबाजी की चुनौती
  • भारतीय उपमहाद्वीप की बल्लेबाजी के अनुकूल पिचें गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती पेश करती हैं। नेत्रवलकर ने माना कि अमेरिका और कैरेबियन में हुए पिछले संस्करण में परिस्थितियां गेंदबाज़ों के पक्ष में थीं, लेकिन भारत में हालात अलग होंगे।
  • बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने कहा, 'फ्लैट विकेटों पर आपको प्लान ए, प्लान बी सब तैयार रखने पड़ते हैं। नई गेंद से स्विंग, स्लोअर बॉल और डेथ ओवरों में यॉर्कर अहम होंगे। रात के मैचों में ओस भी बड़ा फैक्टर होती है, इसलिए गीली गेंद से गेंदबाजी की प्रैक्टिस ज़रूरी है।'
  • उन्होंने श्रीलंका में तीन हफ्ते के ट्रेनिंग कैंप और डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में होने वाले वॉर्म-अप मैचों को भारत की परिस्थितियों के लिए उपयोगी बताया।

2024 की सफलता के बाद ऊपर गया है यूएसए क्रिकेट का ग्राफ
2024 टी20 विश्व कप में पाकिस्तान को हराकर और सुपर-8 में जगह बनाकर अमेरिका ने सबको चौंकाया था। नेत्रवलकर का मानना है कि उस प्रदर्शन के बाद देश में क्रिकेट का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हमारे 8-9 खिलाड़ी दुनिया भर की फ्रेंचाइज़ी लीग्स में खेल रहे हैं। मेजर लीग क्रिकेट में भी लोकल खिलाड़ी टॉप रन-स्कोरर और विकेट-टेकर रहे। 19-20 साल के युवा भी टीम में आ रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में अभी लंबा रास्ता है, लेकिन प्रगति साफ दिख रही है।'
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वीगन लाइफस्टाइल और सोच में बदलाव
नेत्रवलकर अपनी स्पष्ट सोच का श्रेय अपने वीगन जीवनशैली को भी देते हैं। उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव रहा है। मैं एक बेहतर इंसान बनने की कोशिश कर रहा हूं, दर्शन, आध्यात्म, स्थिरता और पर्यावरण जैसे विषयों को समझ रहा हूं। जब आप स्वस्थ और फिट रहते हैं, तो उसका असर अपने आप क्रिकेट पर भी पड़ता है।' मुंबई की गलियों से अमेरिका की जर्सी तक का यह सफर अब वानखेड़े में एक भावुक फुल सर्कल मोमेंट की ओर बढ़ रहा है।

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