अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के निलंबित मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनु साहनी ने सोमवार को बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि वह एक पूर्व नियोजित साजिश का शिकार हुए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि कि उनके खिलाफ साजिश हो रही है।दुर्व्यवहार के आरोपों के कारण निलंबित किए गए सीईओ मनु साहनी ने एक बयान में कहा, 'मुझे अच्छी तरह पता है कि मैं एक पूर्व नियोजित साजिश का शिकार बना हूं। ननिष्पक्ष प्रक्रिया शुरू करने या मुझे निष्पक्ष सुनवाई का मौका देने का सारा दावा छोड़ दिया गया है।
उन्होंने 'क्रिकबज' से कहा, 'आईसीसी की आंतरिक नीतियों और यहां तक कि नैसर्गिक न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का पालन करने का प्रयास तक नहीं किया गया है।' साहनी ने 17 जून को अनुशासनात्मक सुनवाई में आरोपों का जवाब दिया था। बता दें कि मार्च के महीने में मनु साहनी को 'छुट्टी' पर भेज दिया गया था, क्योंकि उनका आचरण ऑडिट कंपनी पीडब्ल्यूसी की आंतरिक जांच के दायरे में आ गया था। साहनी को आईसीसी विश्व कप 2019 के बाद डेव रिचर्डसन की जगह 2022 तक सीईओ बनाया गया था।