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सुशील दोशी की कलम से: एशिया में एक महाशक्ति बनकर उभरा अफगानिस्तान, पाकिस्तान-श्रीलंका भी उसके टक्कर में नहीं

सार

श्रीलंका पर अफगानिस्तान की जीत से समीकरण बेहद दिलचस्प हो गया है। अफगानिस्तान की टीम अब भी सेमीफाइनल की दौड़ में बनी हुई है। इस मुकाबले को लेकर मशहूर कमेंटेटर सुशील दोशी ने अपनी राय रखी है। आइए जानते हैं...
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सुशील दोशी की कलम से - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नमस्कार! मैं सुशील दोशी एक बार फिर से आपका स्वागत करता हूं। विश्व कप के मुकाबले दिलचस्प बने हुए हैं और इंग्लैंड जिस तरह से पराजित हुआ था पहले अफगानिस्तान से, पाकिस्तान को भी अफगानिस्तान ने पराजित किया था और अब उन्होंने श्रीलंका को भी ठोक दिया है। आप समझ सकते हैं कि उनका क्रिकेट किस तेजी के साथ आगे आ रहा है। इससे ये भी पता चलता है कि यदि आप संकल्प की भावना से किसी खेल को लें तो आप उसमें आश्चर्यजनक परिणाम हासिल कर सकते हैं। अफगानिस्तान ने यही किया।
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देखिए भारत में उनके अधिकांश खिलाड़ी अभ्यास करते रहे हैं। नोएडा में ही वह अभ्यास करते थे और एक तरह से उन्होंने इतना अभ्यास भारतीय पिचों पर कर लिया था और भारतीय जो दर्शक हैं, उनका भी समर्थन उनको प्राप्त है कि उनको लगता है कि वह अपने घर में ही खेल रहे हैं। भारत के प्रति उनके कप्तान और उनके कई खिलाड़ी शुक्रगुजारी भी अनुभव कर चुके हैं। कई बार कह भी चुके हैं इस बात को कि भारत का वह शुक्रिया अदा करते हैं जिसके कारण क्रिकेट की दुनिया में इस तेजी से वह कदम बढ़ा रहे हैं।

अफगानिस्तान ने जिस तरह से श्रीलंका को हराया, जिस तरह से पाकिस्तान को हराया और जिस तरह से इंग्लैंड को हराया, बिल्कुल एकतरफा जीत अफगानिस्तान ने हासिल की। ऐसा नहीं कि कोई तीर में तुक्का लग गया हो या बराबरी का मुकाबला हो, बिल्कुल एकतरफा मुकाबलों में इन्होंने बड़े बड़े चैंपियंस को हराया। हम जानते हैं पाकिस्तान, इंग्लैंड और श्रीलंका पुराने विश्व कप के चैंपियंस रहे हैं और ये महाबली टीमें कही जाती हैं। कहा जा रहा था कि अफगानिस्तान इनके सामने बच्चों की तरह रहेगा, लेकिन यह बच्चा तो अब बड़े-बड़ों को आखें न केवल दिखाने लगा है, बल्कि आंखें तरेरने लगा है और कहना होगा कि अफगानिस्तान एशिया में एक प्रबल महाशक्ति बन गया है।
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महाशक्ति का जो संतुलन है, वह भी बदलता जा रहा है। पहले भारत और पाकिस्तान ही प्रमुख शक्ति थी और इनके बीच में ही आदान प्रदान होता था, फिर श्रीलंका आया, लेकिन अब हम देख रहे हैं कि अफगानिस्तान अब दूसरे स्थान पर आ गया है। भारत के बाद अब अफगानिस्तान एशियाई देशों में एक प्रबल महाताकत के रूप में उभर रहा है और विश्व क्रिकेट में भी अपनी शान बढ़ा रहा है। आईसीसी को भी चाहिए कि अब इन देशों के साथ, खासतौर पर नीदरलैंड और अफगानिस्तान जैसे देश, जो तेजी से उभरना चाहते हैं, देखिए आईसीसी का कर्तव्य होता है कि दुनियाभर में क्रिकेट फैले, उसका विस्तार हो, लोगों में उसके प्रति दिलचस्पी बढ़े और दुनियाभर में क्रिकेट का प्रसार और प्रचार हो। 

यह तभी हो सकता है जब आप नई उभरती टीमों को पर्याप्त प्रोत्साहन दें और उन टीमों को आगे बढ़ने में मदद करें। ऐसा तभी हो सकता है जब बड़ी टीमें वहां पर जाएं या उन्हें बुलाएं और उनके साथ दर्शकों के बीच बड़े मुकाबले खेलें, ताकि उन्हें अभ्यास हो बड़ी टीमों, बड़ी ताकतों और अच्छे प्रतिस्पर्धी के खिलाफ खेलने का जो आनंद होता है और जिससे आगे बढ़ते हैं, उसका जायजा वह ले सकें। ये आईसीसी का भी कर्तव्य होता है। वैसे विश्व कप के मुकाबले अब लग रहा है कि चार जो सेमीफाइनलिस्ट हैं, वो लगभग तय हो चुके हैं।

हालांकि, तकनीकी रूप से अभी भी लगता है कि दूसरी टीमों को भी मौका है, लेकिन वास्तव में देखा जाए तो जिस तरह का फॉर्म दिखा रही हैं चार टीमें उसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका, यही चार शायद आखिर में सेमीफाइनल में प्रवेश करें। ये चारों टीमें इस तरह का प्रदर्शन कर रही हैं जिससे ये आशा बंध गई कि मुकाबले और भी ज्यादा दिलचस्प, और भी ज्यादा करीबी, और भी ज्यादा रोमांचकारी साबित होंगे, इसमें कोई संदेह नहीं।

भारत को चीजें बिल्कुल मामूली तरीके से नहीं लेना चाहिए। देखिए अभी इंग्लैंड के खिलाफ जिस तरीके से खेल हुआ और भारतीय टीम 229 रन का लक्ष्य रख पाई, उससे लगा कि गेंदबाजी आक्रमण जैसे-जैसे बेहतर होता जाएगा, वैसे-वैसे दबाव बढ़ता जाएगा। टीम इंडिया के प्रमुख खिलाड़ी विराट कोहली, शुभमन गिल और रोहित शर्मा, अगर ये जल्दी निपट गए किसी मैच में तो फिर हादसा भी हो सकता है और भारत पराजित भी हो सकता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि बड़ी टीमों के सामने एक गलती और आपको उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। देखिए अब जो विश्व कप के सेमीफाइनल्स होंगे न, ये नॉकआउट की तरह हैं। अब लीग स्टेज तो लगभग खत्म हो गई। नॉकआउट में एक बेहतर प्रदर्शन या एक खराब प्रदर्शन आपकी किस्मत तय कर सकता है। आशा करते हैं कि भारत ये टूर्नामेंट जीतकर दिखाएगा। धन्यवाद।
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