जब से बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना ने इंग्लैंड में वनडे सीरीज खेला है तब से उनके बल्ले से लगातार रन निकल रहे हैं और उनके बल्ले की आग को रोक पाना किसी भी गेंदबाज के लिए संभव नहीं हो रहा है।
रैना की ही धुआंधार पारी का कमाल था कि चेन्नई सुपर किंग्स चैंपियंस लीग ट्वंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में जीत के ट्रैक पर लौट आई है। चेन्नई को अपने पहले मैच में कोलकाता नाइटराइडर्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में चेन्नई ने 20 ओवर में 242 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया फिर डोल्फिंस को एकतरफा मुकाबले में 54 रनों से हरा दिया। रैना की धमाकेदार पारी ने टीम को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका जरूर निभाई लेकिन वह अपने शतक से चूक गए।
रैना की पारी ने चेन्नई को संभाला
डोल्फिंस से मिले पहले बल्लेबाजी के न्योते के बाद चेन्नई सुपर किंग्स को पहले ही ओवर में तगड़ा झटका लग गया जब पांचवीं गेंद पर ड्वेन स्मिथ महज 7 रन बनाकर आउट हो गए।
लेकिन इसके बाद सुरेश रैना ने ओपनर ब्रैंडन मैकुलम के साथ तेजी से रन बनाते हुए 8 ओवर में 91 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाल दिया। हालांकि रैना की तरह धुआंधार अंदाज में रन बनाने वाले मैकुलम अपने अर्धशतक से चूक गए। उन्होंने महज 29 गेंदों में 5 चौके और 3 छक्के की मदद से 49 रन बनाए।
दूसरे छोर पर टिके रैना के बल्ले से भी रनों की बारिश हो रही थी, उन्होंने अपनी पारी में 8 छक्के और 4 चौके भी लगाए। हालांकि वह अपने शतक से चूक गए। उन्होंने 43 गेंदों में 90 रनों की गजब की पारी खेली।
रैना के बाद 'सर' ने 14 गेंदों में किया कमाल
चेन्नई ने 99 गेंदों में पूरे कर लिए 200 रन
सुरेश रैना अपने शतक से और ब्रैंडन मैकुलम अपने अर्धशतक से चूक गए। दोनों बल्लेबाजों की आतिशी पारी के दम पर चेन्नई ने 16.2 ओवर में ही 200 रनों का आंकड़ा छू लिया था।
शीर्ष क्रम के बल्लेबाज जब रन बना रहे थे तो उसे आगे जारी रखने का काम मध्य क्रम के बल्लेबाजों के पास था लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खाता खोले बगैर ही आउट हो गए। इसके बाद ड्वेन ब्रॉवो भी 11 रन बनाकर आउट हो गए।
लेकिन अंतिम समय में बल्लेबाजी करने आए रवींद्र जडेजा ने महज 14 गेंदों में 40 रन (नाबाद) कूट लिए। इस आतिशी पारी में उन्होंने 3 चौके के अलावा 3 छक्के भी लगाए। फैफ डु प्लेसिस ने 30 रनों का योगदान दिया। चेन्नई ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 242 रन बनाए।
मैच में बल्लेबाजों ने लगाए कुल 25 छक्के
दूसरी ओर, बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए डॉल्फिंस की टीम 20 ओवर में महज 188 रन पर सिमट गई। टीम के लिए कोडी चेट्टी ने 28 गेंदों में 3 चौके और 2 छक्कों के साथ सर्वाधिक 37 रन बनाए।
चेन्नई की ओर से तेज गेंदबाज मोहित शर्मा ने 41 रन देकर 4 विकेट चटकाए। जबकि आशीष नेहरा और ड्वेन ब्रॉवो को 2-2 सफलता मिली।
ग्रुप-ए के अपने पहले मैच में कोलकाता नाइटराइडर्स के हाथों हारने वाली चेन्नई सुपर किंग्स की दो मैचों में यह पहली जीत है जबकि डॉल्फिंस की यह लगातार दूसरी हार है। इस मैच में कुल 25 छक्के लगे जिसमें चेन्नई की ओर से सबसे ज्यादा 16 छक्के लगे।
खेली 9 गेंद, 7 में चौके-छक्के लगाए, बल्ला भी टूटा
डोल्फिंस भले ही चेन्नई के हाथों मैच हार गया हो, हालांकि उसके ओपनर कैमरून डेलपोर्ट ने छोटी सी लेकिन गजब की पारी खेली। उन्होंने महज 9 गेंदें खेली जिसमें 34 रन ठोक दिए।
इस बीच डेलपोर्ट का बल्ला उनकी पारी की सातवीं गेंद पर टूट गया। इस गेंद से पहले अपने खेले सभी 6 गेंदों को उन्होंने सीमा रेखा के पार पहुंचाया था, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उन्होंने तीसरे ओवर में मोहित शर्मा की पहली गेंद पर छक्का जमाया, इसके अगले 2 गेंदों पर चौका जड़ दिया।
लेकिन चौथी गेंद पर वह बल्ला जवाब दे गया। हालांकि बल्लेबाज ने बल्ला बदल लिया और नए बल्ले के साथ भी उन्होंने जल्द ही तालमेल बिठा लिया। नए बल्ले के साथ पहली ही गेंद पर उन्होंने एक और चौका जड़ा। हालांकि इसी ओवर की अंतिम गेंद पर वह बोल्ड भी हो गए।
वह अपनी पारी कुल 9 गेंद (34 रन) खेल सके, जिसमें 7 गेंदों को सीमारेखा के पार पहुंचाने में कामयाब रहे। जिन 2 गेंदों पर वह बाउंड्री नहीं लगा सके उसमें एक गेंद पर उनका बल्ला टूटा और उस पर वह 2 रन बना सके और दूसरा जिसमें वह बोल्ड हो गए।