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Team India: अंधविश्वास की हद! श्रीसंत ने विकेट न मिलने पर दो दिन पुराना फल खाया था, जाफर-जहीर ने सुनाई कहानी

Thu, 27 Jul 2023 07:15 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बारबाडोस

सार

जहीर ने अपने करियर के दौरान अंधविश्वासों पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उनकी दिनचर्या के कुछ पहलू ऐसे थे जिन्हें उन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान नहीं बदला।
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वसीम जाफर, श्रीसंत और जहीर खान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के पूर्व क्रिकेटर्स वसीम जाफर और जहीर खान ने हाल ही क्रिकेट में अंधविश्वासी प्रथाओं के बारे में बातचीत की है। उन्होंने बताया कि कैसे मैच के लिए जाने से पहले खिलाड़ी अंधविश्वास पर यकीन करते थे। भारत एक विविध संस्कृति और विभिन्न भाषाओं और प्रथाओं वाला देश है। जैसे-जैसे हर खेल, विशेषकर क्रिकेट में हर दिन प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है, खिलाड़ी खेल में आगे रहने के लिए मैदान पर अपना खून-पसीना बहा रहे हैं। जाफर ने 2006 में जमैका में एक टेस्ट मैच से पहले श्रीसंत द्वारा अच्छे भाग्य के लिए किए गए कारनामे की कहानी सुनाई। तब उन्होंने अंधविश्वास का सहारा लिया था।
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जाफर ने सुनाई कहानी

जाफर ने बताया, ''माने काका (रमेश माने, मालिश करने वाला) उस समय टीम के साथ हुआ करते थे और वह प्रार्थना अनुष्ठान करते थे। श्रीसंत बहुत अंधविश्वासी थे। मैंने इतना अंधविश्वासी कोई तेज गेंदबाज नहीं देखा। माने काका की एक रस्म थी जिसमें वह अगरबत्ती को सीधा करने के लिए उसे केले में खोंस देते थे। किसी ने श्रीसंत को चिढ़ाते हुए कहा, 'यह केला खाओगे तो मैच में पांच विकेट लोगे।' केला दो दिनों से वहीं पड़ा हुआ था और उसने विकेट के लिए उसे खा लिया।''

जहीर ने बताया- ऐसे होते हैं अंधविश्वास

जहीर खान - फोटो : social media
जहीर ने अपने करियर के दौरान अंधविश्वासों पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उनकी दिनचर्या के कुछ पहलू ऐसे थे जिन्हें उन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान नहीं बदला। जहीर ने बताया, ''जब मैं गेंदबाजी करने और स्पाइक्स पहनने की तैयारी कर रहा था, तो मेरी एक दिनचर्या थी जो मैं अब भी करता हूं जब मैं अपने सामान्य जूते पहनता हूं। यह एक दिनचर्या बन गई है। पहले आप बायां जूता पहनें और फीते बांधें, फिर दायां... अंधविश्वास क्रिकेट का एक अलग हिस्सा है। 'मैंने कल यह फिल्म देखी इसलिए मैं इसे हर मैच से पहले देखूंगा', यह मूल रूप से आपको अच्छे समय के बारे में सोचने का एक तरीका है। कुछ लोग अपनी जेब में लाल रुमाल रखते हैं।
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'कपड़ों में भाग्य खोजते हैं कुछ खिलाड़ी'

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि खिलाड़ी अपने अंधविश्वासों के प्रति काफी सजग होते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ी अपने कपड़ों में भाग्य को बनाए रखने के लिए पूरे टेस्ट के दौरान कपड़ों का एक ही सेट पहनते हैं। जहीर ने कहा, "कुछ ऐसे क्रिकेटर थे जो रणजी ट्रॉफी या टेस्ट मैच खेलते समय अगर एक सत्र में अच्छा स्पैल डाल देते थे, तो वे उन कपड़ों को दोबारा नहीं धोते थे। उनका मानना था कि उन कपड़ों में किस्मत है और किस्मत को बरकरार रखने की जरूरत होती है। आप कल्पना कर सकते हैं उन 10 खिलाड़ियों पर क्या असर पड़ता है जो उनके साथ खेल रहे हैं। ऐसा हुआ है और यहां तक कि मामला अंडरवियर तक भी पहुंच गया है! खिलाड़ियों का मानना था कि यदि आप कपड़े धोते हैं, तो आप भाग्य को धो देते हैं और इसे वापस नहीं पा सकते।''
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