भारत की टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद चेतेश्वर पुजारा शानदार लय में नजर आ रहे हैं और लगातार अपनी वापसी का दावा मजबूत कर रहे हैं। रणजी ट्रॉफी में मिले-जुले प्रदर्शन के बाद पुजारा इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं और यहां उनके बल्ले से जमकर रन निकल रहे हैं। चार मैचों में चार शतक लगाने वाले पुजारा को भारतीय टीम में वापस लाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा है कि पुजारा को भारतीय टीम में मौका मिलना चाहिए। उन्हें टीम से बाहर गए ज्यादा समय नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक काउंटी टीम और टेस्ट टीम के गेंदबाजों में जमीन-आसमान का अंतर होता है।
पुजारा काउंटी के मौजूदा सीजन में ससेक्स के लिए खेल रहे हैं और लगातार रन बना रहे हैं। इस काउंटी सीजन में पुजारा ने दो दोहरे शतक और दो शतक समेत चार मैचों की सात पारियों में 717 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 143.40 का रहा।
पहले मैच में डर्बीशायर के खिलाफ नाबाद 201 रन बनाने के बाद उन्होंने यॉर्क शायर के खिलाफ 109 और डरहम के खिलाफ 203 रन की पारियां खेली थीं। इसके बाद मिडलसेक्स के खिलाफ भी उन्होंने शतक लगाया। इस मैच की पहली पारी में उन्होंने 10 गेंद में 16 रन बनाए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने शानदार शतक लगाया।
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में हुए थे बाहर
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से पहले पुजारा और रहाणे जैसे दिग्गजों को टीम से बाहर कर दिया गया था। उनकी जगह हनुमा विहारी और श्रेयस अय्यर को मौका दिया गया था। इस दौरान दोनों खिलाड़ी घरेलू मैच खेल रहे थे। रहाणे तो आईपीएल में भी खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, लेकिन पुजारा लय में वापस लौट चुके हैं। भारत को इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में एक टेस्ट मैच खेलना है। इस मैच के लिए पुजारा को फिर से भारतीय टीम में मौका दिया जा सकता है।
भारतीय टीम में पुजारा को मिले मौका- गावस्कर
सुनील गावस्कर ने कहा है कि भारतीय टीम में चेतेश्वर पुजारा को फिर से मौका दिया जाना चाहिए। उनकी वापसी पर गावस्कर ने एक निजी चैनल से कहा "बिल्कुल, इसे दिमाग में रखा जाना चाहिए। पिछले साल हमने देखा था कि टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड में दो टेस्ट मैच खेले थे। वो हालातों के अभ्यस्त हो गए और फाइनल में जब उन्हें वैसे हालात मिले तो उन्होंने भारत से अच्छा खेल दिखाया। यही पुजारा के साथ हो रहा है। वो इंग्लैंड के हालातों के अभ्यस्त हो चुके हैं, उनके गेंदबाजों के खिलाफ खेल रहे हैं। हां काउंटी के गेंदबाजों और टेस्ट टीम के गेंदबाजों के स्तर में जमीन आसमान का फर्क होता है, लेकिन जब कोई बल्लेबाज लय में हैं तो क्यों न इसका फायदा उठाया जाए और उसे टीम में लिया जाए।"
गावस्कर ने आगे कहा "ऐसा नहीं है कि वो दो या तीन साल बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे हैं। यह छह या सात महीने की बात है। सितंबर तक वो टीम में थे, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी वो खेले थे। वो जनवरी तक टीम का हिस्सा थे तो निश्चित रूप से उन्हें टीम में लिया जाना चाहिए। उनकी गेंदबाज को थकाने की क्षमता और एक छोर पर खड़े रहने की कला की बहुत जरूरत पड़ेगी और हमने देखा है कि काउंटी क्रिकेट में उनका स्ट्राइक रेट बेहतरीन रहा है।"