भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट की पहली पारी में यशस्वी जायसवाल के रन आउट होने पर अपनी राय रखी है। गावस्कर का कहना है कि विराट कोहली और यशस्वी को इतना जोखिम लेने की जरूरत नहीं थी। यशस्वी के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई और ऑस्ट्रेलिया को वापसी का मौका मिला।
भारतीय पारी के 41वें ओवर की आखिरी गेंद पर यशस्वी ने हल्के हाथों से शॉट खेला। गेंद मिड ऑन पर गई और यशस्वी रन के लिए दौड़ पड़े। कॉल उनका था और कोहली भी थोड़ा आगे आकर पीछे मुड़ गए। यशस्वी भी कोहली के साथ नॉन स्ट्राइक एंड पर थे। दोनों एक ही छोर पर मौजूद थे और विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने गेंद को स्टंप्स पर दे मारा। इस तरह यशस्वी रन आउट हो गए। वह 118 गेंद में 11 चौके और एक छक्के की मदद से 82 रन बनाकर आउट हुए और शतक से चूक गए। यशस्वी को रन आउट करने के बाद कंगारुओं ने सात गेंद के अंदर विराट कोहली को भी पवेलियन भेजा। बोलैंड ने कोहली को विकेटकीपर कैरी के हाथों कैच कराया। वह 86 गेंद में 36 रन बना सके।
गावस्कर ने बताया, कैसे हुई चूक
गावस्कर का मानना है कि अगर कोहली प्रतिबद्ध होते तो वो रन ले सकते थे क्योंकि वह विकेट के बीच से रन चुराने वाले शानदार बल्लेबाज हैं। गावस्कर ने एक स्पोर्ट्स चैनल पर कहा, यह रन तेजी से लिया जा सकता था और कोहली जैसा बल्लेबाज ऐसा कर सकता था। लेकिन यह चीज अलग है क्योंकि वह फील्डर की ओर देख रहे थे। जब आप फील्डर की तरफ देख रहे होते हैं और पीछे मुड़ते हैं तो आप कुछ महत्वपूर्ण सेकेंड बर्बाद हो जाते हैं। आपका नियंत्रण गड़बड़ा जाा है और ऐसे में रन चुराना मुश्किल होता है। इस स्तर पर आपको ऐसा जोखिम लेना ही क्यों है। आप अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और रन भी आ रहे थे, ऐसे में इतना जोखिम लेने की जरूरत ही नहीं थी।
रन आउट मामले पर बंटे पूर्व भारतीय खिलाड़ी
यशस्वी जिस तरह रन आउट हुए उस पर पूर्व भारतीय खिलाड़ियों की अलग-अलग राय आई। पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर का कहना है कि चूंकि यशस्वी की तरह से भागने का इशारा आया था और गेंद कोहली के पीठ के पीछे थी, लिहाजा पूर्व कप्तान को यशस्वी पर भरोसा दिखाना चाहिए था और रन के लिए दौड़ना चाहिए था। हालांकि, पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री, इरफान पठान और दीप दासगुप्ता की राय इससे अलग थी। इन तीनों का कहना था कि गेंद फील्डर के काफी पास थी, ऐसे में यह रन लेना जायज ही नहीं था। इसके बावजूद यशस्वी रन लेने के लिए दौड़ पड़े।