कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद द्वारा रोहित शर्मा की फिटनेस और कप्तानी पर सवाल उठाए जाने के बाद कई क्रिकेटरों और राजनेताओं ने भारतीय कप्तान का समर्थन किया था और अब पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी। गावस्कर ने भी रोहित का समर्थन किया और कहा कि दुबले-पतले लड़के मॉडलिंग के लिए होते हैं और क्रिकेट में शारीरिक आकार नहीं, बल्कि मानसिक ताकत मायने रखती है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने रोहित की फिटनेस पर की थी टिप्पणी
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के मैच के दौरान सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था। इस पोस्ट में कांग्रेस नेता ने लिखा कि 'रोहित शर्मा एक मोटे खिलाड़ी हैं! उन्हें अपना वजन कम करने की जरूरत है। बेशक वह भारत के अब तक के सबसे बेअसर कप्तान हैं।' इसके बाद विवाद काफी बढ़ गया और कांग्रेस प्रवक्ता की काफी आलोचना की गई जिसके बाद उन्हें एक्स से अपनी पोस्ट हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस ने भी शमा की टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया और उनसे पोस्ट डिलीट करने का अनुरोध किया।
गावस्कर ने सरफराज का दिया उदाहरण
गावस्कर ने याद दिलाया कि मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को भी बॉडी शेमिंग (शरीर को लेकर आलोचना) का सामना करना पड़ा था, लेकिन इससे उनके प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ा। गावस्कर ने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि अगर आपको सिर्फ दुबले-पतले लड़के चाहिए, तो आपको मॉडलिंग प्रतियोगिता में जाना चाहिए और सभी मॉडलों को चुनना चाहिए। यह उससे संबंधित नहीं है।
गावस्कर ने कहा, यह इस बारे में है कि आप क्रिकेट कितनी अच्छी तरह खेल सकते हैं। हमने सरफराज खान के बारे में बात की, उन्हें लंबे समय तक बदनाम किया गया क्योंकि उनका वजन ज्यादा है। लेकिन वह टेस्ट मैच में भारत के लिए 150 रन बनाते हैं और इसके बाद दो या तीन बार 50 से अधिक रन बनाते हैं, तो इसमें क्या समस्या है? मुझे नहीं लगता कि आकार का इससे कोई लेना-देना है। यह आपकी मानसिक शक्ति के बारे में है कि क्या आप लंबे समय तक टिक सकते हैं? यही सबसे महत्वपूर्ण है। अच्छी बल्लेबाजी करें, लंबे समय तक बल्लेबाजी करें और रन बनाएं।