महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने टी20 की बढ़ती लोकप्रियता के बीच प्रशंसकों से टेस्ट क्रिकेट को बचाने की अपील की है। भारत के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी पर दिए गए व्याख्यान में गावस्कर ने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट के सभी प्रारूपों में श्रेष्ठ है। यह क्रिकेट का वास्तिवक प्रारूप होता है।'
गावस्कर ने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट नए खिलाड़ियों को एक पूर्ण और कुशल बनाता है। इसलिए मैं प्रशासकों से अपील करता हूं कि टी20 क्रिकेट के इस दौर में वह टेस्ट क्रिकेट को बचाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करें।'
इस व्याख्यान के दौरान भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सदस्यों के अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर और आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेव रिचर्डसन भी मौजूद थे।
इस दौरान गावस्कर ने कहा कि दुनिया भर में दस देशों की टीमें जो टेस्ट क्रिकेट खेलती हैं उनमें से चार या पांच ऐसे मुख्य देश हैं जो इस प्रारूप को प्रमुखता से खेलते हैं। इन्हीं देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्रिकेट का यह प्रारूप शीर्ष पर ही बना रहे। इस दौरान गावस्कर ने नवाब पटौदी के साथ अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया और टेस्ट क्रिकेट में असाधारण योगदान करने के लिए एमएके पटौदी को सलाम किया।