उमेश यादव
उमेश की परवरिश भी यहीं हुई। ऐसे परिवेश से टीम इंडिया के अहम सदस्य तक बनने का सफर उमेश ने बड़ी मुश्किलों से पार किया। पिता की इच्छा थी कि 2 बेटी और 2 बेटों में से कोई एक संतान कॉलेज में पढ़े लेकिन माली हालात ऐसे थे कि चाहने के बावजूद ये ना हो सका। घर का खर्च ही बेहद मुश्किल से निकल पा रहा था, ऐसे में उमेश का कॉलेज में पढ़ने का सपना महज ख्वाब ही बनकर रह गया।