भारत बनाम न्यूजीलैंड कानपुर टेस्ट
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच कानपुर में खेले जा रहे टेस्ट में ऋद्धिमान साहा की जगह केएस भरत सब्सटिट्यूट के तौर पर विकेटकीपिंग के लिए उतरे। मैच के तीसरे दिन आर अश्विन ने विल यंग को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। हालांकि, इस विकेट के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प रही।
लाथम और यंग के बीच 151 रन की साझेदारी
दरअसल, टॉम लाथम और विल यंग ने पहले विकेट के लिए 151 रन की साझेदारी कर ली थी। यंग 89 रन बनाकर अश्विन की शानदार गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हुए। अश्विन की गेंद टप्पा खाने के बाद काफी नीचे रही। इससे यंग चकमा खा गए और विकेटकीपर भरत ने शानदार कैच लपका।
नितिन मेनन ने दिया था नॉटआउट
हालांकि, फील्ड अंपायर नितिन मेनन ने यंग को नॉटआउट दिया। पर विकेटकीपर भरत को यकीन था कि गेंद यंग के बैट से लगी है। वे आत्मविश्वास के साथ कप्तान रहाणे से डीआरएस (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) लेने की अपील की। कप्तान रहाणे भी भरत की बातों से सहमत दिखे और डीआरएस लिया।
रिव्यू में दिखा साफ आउट थे यंग
रिव्यू में दिखा कि गेंद बल्ले का किनारा छूकर भरत के हाथों में पहुंची थी। इस तरह यंग को पवेलियन वापस लौटना पड़ा। वह 89 रन बना पाए और शतक से चूक गए। यंग और लाथम के बीच पहले विकेट के लिए 151 रन की साझेदारी हुई, जो न्यूजीलैंड के ओपनरों द्वारा टेस्ट में भारत में की गई दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले रिचर्डसन और विंसेंट ने 2003 में बतौर ओपनर 231 रन की साझेदारी की थी।
साहा गर्दन में खिंचाव की वजह से नहीं उतरे
ऋद्धिमान साहा ने दूसरे दिन गर्दन में खिंचाव की शिकायत की। इसके बाद सब्सटिट्यूट के तौर पर केएस भरत को मैदान पर उतारा गया। बीसीसीआई ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। बीसीसीआई की मेडिकल टीम फिलहाल साहा की जांच कर रही है।