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Jemimah Rodrigues: कौन हैं जेमिमा रोड्रिग्स? भारतीय टीम में सब 'बेबी' कहकर बुलाते थे, अब मध्यक्रम की रीढ़ बनीं

Mon, 13 Jan 2025 05:26 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जेमिमा का का जन्म पांच सितंबर 2000 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने फरवरी 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 17 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था।
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जेमिमा रोड्रिग्स - फोटो : BCCI
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विस्तार
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भारत की जेमिमा रोड्रिग्स इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन्होंने रविवार को आयरलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में शतक जड़ा था। इसकी बदौलत भारतीय टीम ने वनडे में अपना सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया था। 24 साल की जेमिमा ने 91 गेंद में 12 चौके की मदद से 102 रन की पारी खेली थी। इसकी मदद से भारत ने 50 ओवर में पांच विकेट गंवाकर 370 रन बनाए थे। हालांकि, कम ही लोगों को जेमिमा और उनके संघर्ष के बारे में पता होगा। जेमिमा को शुरू-शुरू में भारतीय टीम में 'बेबी' कहकर पुकारा जाता था। हालांकि, अब वह बेबी से काफी बड़ी हो गई हैं और भारतीय मध्यक्रम की रीढ़ बन चुकी हैं। 
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जेमिमा रोड्रिग्स - फोटो : BCCI
17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
जेमिमा का का जन्म पांच सितंबर 2000 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने फरवरी 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 17 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। मुंबई की इस बल्लेबाज से तब काफी उम्मीदें की जा रही थीं। तब से लेकर अब तक जेमिमा ने राष्ट्रीय टीम में मुख्य बल्लेबाज के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए कई चुनौतियों का डटकर सामना किया है। उन्हें बीच में ड्रॉप भी किया गया। फिर 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने अपने बल्ले से चमक बिखेरी थी। हालांकि, 2023 महिला टी20 विश्व कप के बाद टीम से उन्हें बाहर कर दिया गया था। 2024 में एकबार फिर जेमिमा ने वापसी की और अब वह इस टीम का अहम हिस्सा हैं।

जेमिमा क्रिकेट में अपने विकास का श्रेय इंग्लैंड में अब बंद हो चुकी किआ सुपर लीग (केएसएल) को देती हैं। यह किसी विदेशी टी20 लीग में उनकी पहली उपस्थिति थी। उस टूर्नामेंट में उनके आंकड़े असाधारण थे। तब जेमिमा ने 57.28 की औसत और 149.62 के स्ट्राइक रेट से 401 रन बनाए थे। इसमें 58 गेंदों पर नाबाद 112 रन शामिल हैं।

झूलन, जेमिमा और मिताली - फोटो : Twitter
विदेश में अकेले रहने के अनुभव ने जेमिमा को बदला
शीर्ष तीन में बल्लेबाजी करने के बजाय जेमिमा को नंबर चार पर बल्लेबाजी करना भा गया और उन्होंने इसी स्थान को पक्का कर लिया। जेमिमा का यह भी मानना है कि एक महीने के लिए विदेश में अकेले रहने के अनुभव ने उन्हें सकारात्मक तरीके से बदल दिया। जेमिमा बताती हैं, 'मैं सिर्फ 18 साल की थी जब मैंने अकेले विदेश यात्रा की। मुझे अपने कपड़े धोने से लेकर अपना खाना खुद पकाने, अपार्टमेंट में रहने और खेलों के लिए यात्रा करने तक के पैसे खुद से प्रबंधित करने पड़ते थे। तो उस अनुभव ने मुझे बहुत बदल दिया, क्योंकि मुझे कहीं पर भी अकेले रहने की आदत नहीं थी। भारतीय टीम में भी मैं टीम में 'बेबी' की तरह थी। मुझे शुरू शुरू में बहुत प्यार किया जाता था और देखभाल की जाती थी और मैं सभी को जानती थी। हालांकि, कई बार मैंने बहुत अकेला भी महसूस किया है, लेकिन इसने मुझे एक इंसान के रूप में बहुत बदल दिया और मुझे और अधिक स्वतंत्र बना दिया।'

जेमिमा का कहना है, 'मैं जब छोटी थी तो मेरे लिए पूरे एक महीने अकेले रहना आसान नहीं था। मुझे वहां की लीग खेलने से काफी मदद मिली और मैंने वहां सच में अच्छा प्रदर्शन किया। बाद में, द हंड्रेड, डब्ल्यूबीबीएल और डब्ल्यूपीएल जैसी अन्य सभी लीगों में मैंने अच्छा प्रदर्शन किया। वहां अलग अलग देशों के खिलाड़ियों से मुझे काफी कुछ सीखने को मिला। जब हम एक ड्रेसिंग रूम को साझा करते हैं तो एक-दूसरे से काफी कुछ सीखते हैं।

जेमिमा रोड्रिग्स - फोटो : BCCI
टी20 क्रिकेट और मेग लैनिंग से काफी कुछ सीखीं जेमिमा
जेमिमा को टी20 क्रिकेट से भी काफी कुछ सीखने को मिला है। उन्हें टीम में चुलबुली खिलाड़ी माना जाता है। हालांकि, महिला प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए जेमिमा ने ऑस्ट्रेलिया की महान कप्तान मेग लैनिंग से शांत रहना सीखा है। जेमिमा का कहना है, 'जिस तरह से लैनिंग टीम का नेतृत्व करती है और दबाव में भी इतनी शांत रहती हैं, यह एक ऐसी चीज है जो मैं वास्तव में उनसे सीखना चाहूंगी। उन्हें बस इतना पता होता है कि वह क्या कर रही हैं और यही उन्हें दबाव में भी शांत रहने में मदद करता है, जो मुझे लगता है कि एक कप्तान के सबसे बड़े गुणों में से एक है। मैच के अंत में हर कोई दबाव में होता है, लेकिन अगर आप अपने कप्तान को शांत देखते हैं, तो इसमें कुछ ऐसा होता है जिससे पूरी टीम को शांत और दिमाग को ठंडा रखने में मदद मिलती है।'

जेमिमा रोड्रिग्स - फोटो : BCCI
अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने से बढ़ता है जेमिमा का आत्मविश्वास
जेमिमा का मानना है कि अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने और वहां सामंजस्य बैठाने और अच्छा प्रदर्शन करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्हें अलग अलग पिचों पर खेलने में मदद मिलती है। 2023 में जेमिमा को महिला टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था और उन्होंने इसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण क्षण करार दिया था। उन्होंने कहा, 'मैं तब सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं थी। लेकिन जब मुझे 2024 महिला टी20 विश्व कप के लिए चुना गया तो मैंने ऊपर देखकर भगवान से थैंक यू कहा। पिछले साल ठीक इसी समय मुझे टीम से बाहर कर दिया गया था, लेकिन इस बार मैं यहां हूं। इसने मेरा दृष्टिकोण बदल दिया। मैं जिस भी स्थिति में हूं, मैं इसके लिए ऊपर वाले की आभारी हूं और मेरी यात्रा आसान नहीं थी।'

जेमिमा रोड्रिग्स - फोटो : BCCI
माता-पिता को कामयाबी का श्रेय देती हैं जेमिमा
जेमिमा अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता पिता को भी देती हैं। 2023 में जेमिमा के माता पिता ने स्टेडियम में भारत-पाकिस्तान मैच का सीधा प्रसारण देखा था। उस मैच में जेमिमा ने 38 गेंद में आठ चौके की मदद से 53 रन की पारी खेली थी। वह बताती हैं, 'अर्धशतक लगाने के बाद उनकी तरफ बल्ला उठाना मेरे लिए खास पलों में से एक है, क्योंकि इस सफर में किसी और से ज्यादा उन्होंने मेरा समर्थन किया। वे मुझ पर विश्वास करते थे, चाहे जो भी हो, यहां तक कि जब कोई मुझ पर विश्वास नहीं करता था, तब भी वे हमेशा वहां थे।' मां लविता और पिता इवान के साथ-साथ कोच प्रशांत शेट्टी की मदद से जेमिमा हर मुश्किल परिस्थितियों से निकलने में कामयाब रहीं हैं।

जेमिमा रोड्रिग्स - फोटो : BCCI
मिताली और विराट से मिलती जुलती है खेलने की शैली
जेमिमा के खेलने की शैली कुछ हद तक महान बल्लेबाज मिताली राज से मिलती जुलती है। गेंद पर आक्रामण करणा उनका नैसर्गिक खेल नहीं है। वह गेंदबाजों का लय बिगाड़ने के लिए क्रीज का उपयोग करती हैं और शॉट टाइमिंग पर काफी विश्वास रखती हैं। स्पिनरों के खिलाफ वह पुल और स्लॉग-स्वीप शॉट भी काफी खेलती हैं। जेमिमा का कहना है, 'मेरे पिता हमेशा मुझसे कहते हैं कि आपको रन बनाने के लिए शक्तिशाली होने की आवश्यकता नहीं है। आपको बस दिमाग रखने और अपने तरीके से रन बनाने की जरूरत है और यह मुझे मिली सबसे अच्छी सलाहों में से एक है और मैं उस पर टिके रहने की कोशिश करती हूं।' यही वजह है कि जेमिमा के आदर्श खिलाड़ी विराट कोहली हैं, जो उनकी तरह टाइमिंग पर काफी ध्यान देते हैं।
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जेमिमा रोड्रिग्स - फोटो : BCCI
जेमिमा का अब तक का अंतरराष्ट्रीय करियर
जेमिमा ने भारत के लिए अब तक तीन टेस्ट, 41 वनडे और 107 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। टेस्ट में उनके नाम 58.75 की औसत से 235 रन हैं। इसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, 41 वनडे में उनके नाम 29.43 की औसत से 1089 रन हैं। इसमें एक शतक और छह अर्धशतक है। आयरलैंड के खिलाफ 102 रन की पारी उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी है। टी20 में जेमिमा ने 30.22 की औसत और 116.01 के स्ट्राइक रेट से 2267 रन बनाए हैं। इनमें 12 अर्धशतक शामिल हैं। 76 रन की पारी उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी रही है। इसके अलावा जेमिमा ने वनडे में पांच विकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक विकेट भी लिए हैं।
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