दरअसल, मैच में श्रीलंकाई टीम टॉस हारकर पहले बैटिंग के लिए उतरी। हालांकि, टीम की शुरुआत खराब रही और पहले ही ओवर में श्रीलंका ने दो विकेट गंवा दिए। कुसल मेंडिस दो रन और चरिथ असलंका शून्य पर आउट हुए। दूसरे ओवर में नवीन उल हक ने पाथुम निसांका को विकेटकीपर रहमानुल्लाह गुरबाज के हाथों कैच कराया। हालांकि, फील्ड अंपायर ने नवीन की पहली अपील को नकार दिया और पाथुम को नॉटआउट दिया।
इसके बाद अफगानिस्तान की टीम ने डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) का इस्तेमाल किया। थर्ड अंपायर ने पाया कि गेंद बल्ले से लगी है। ऐसे में तीसरे अंपायर ने निसांका को आउट दे दिया। रिप्ले में दिखा कि गेंद ने बल्ले का हल्का किनारा लिया है। हालांकि, अल्ट्रा एज में कुछ खास अंतर नहीं दिख रहा था। इस पर फैन्स ने अंपायरों पर निशाना साधा और सोशल मीडिया पर जमकर भड़ास निकाली। खुद श्रीलंकाई टीम के कोच और कप्तान भी तीसरे अंपायर के फैसले पर विश्वास नहीं कर सके।
अंपायर के फैसले से हर कोई हैरान दिखा। मैच के बाद टीवी अंपायर ने कहा कि उन्हें लगा था कि बैट और गेंद का संपर्क हुआ था और गेंद में थोड़ी हरकत भी हुई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि पुख्ता कुछ भी नहीं मिला। ऐसे में श्रीलंकाई फैन्स का कहना है कि सॉफ्ट सिग्नल में जब मैदानी अंपायर ने नॉटआउट दिया, तो थर्ड अंपायर ने आउट कैसे दे दिया। पाथुम पिछले कुछ समय से शानदार फॉर्म में चल रहे थे।
उनके विकेट का नुकसान टीम को हुआ और दो ओवर में शुरुआती तीन झटकों के बाद टीम उबर नहीं सकी और 105 रन पर ऑलआउट हो गई। अफगानिस्तान ने यह लक्ष्य 10.1 ओवर में दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। गुरबाज ने 18 गेंदों में 40 रन की पारी खेली। हजरतुल्लाह जजई ने 28 गेंदों में 37 रन की नाबाद पारी खेली। अफगानिस्तान को अगला मैच 30 अगस्त को बांग्लादेश के खिलाफ खेलना है। वहीं, श्रीलंकाई टीम अपने अगले मैच में बांग्लादेश से एक सितंबर को भिड़ेगी।