तेज गेंदबाज मार्को यानसेन की धारदार गेंदबाजी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने डरबन में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका की पहली पारी महज 42 रन पर ऑलआउट कर दी। श्रीलंका के टेस्ट इतिहास का यह न्यूनतम स्कोर है। यानसेन ने अपने करियर का शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 रन देकर सात विकेट झटके और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को कुल 14 ओवर भी टिकने नहीं दिया। यानसेन ऑस्ट्रेलिया के ह्यूज ट्रम्बल (इंग्लैंड के खिलाफ 1904 में) के बाद टेस्ट पारी में सात ओवर के अंदर सात विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज हैं।
यानसेन के अलावा गेराल्ड कोएट्जे ने 18 रन देकर दो विकेट और कगिसो रबाडा ने 10 रन देकर एक विकेट लिया। श्रीलंका की बल्लेबाजी इस कदर खराब रही कि टीम 50 रन भी पूरे नहीं कर सकी। उसकी तरफ से कामिंदु मेंडिस 13 रन बनाकर सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे। उनके अलावा लाहिरु कुमारा ने नाबाद 10 रन बनाए। मेंडिस और लाहिरु के अलावा अन्य कोई बल्लेबाज दहाई अंक के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। श्रीलंका के कुल पांच बल्लेबाज तो खाता भी नहीं खोल सके।
श्रीलंका ने अपने 30 साल पुराने अनचाहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। श्रीलंका का इससे पहले टेस्ट में न्यूनतम स्कोर 71 रन था। श्रीलंका ने पाकिस्तान के खिलाफ अगस्त 1994 में यह प्रदर्शन किया था। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का यह छठा न्यूनतम स्कोर है और श्रीलंकाई टीम ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और भारत के क्लब में शामिल हो गई है जो टेस्ट में 42 रन पर ऑलआउट हो चुकी है।
इससे पहले, पिच पहले टेस्ट के दूसरे दिन बल्लेबाजी के मुफीद लग रही थी और दक्षिण अफ्रीका ने सुबह चार विकेट पर 80 रन से आगे खेलते हुए 111 रन जोड़े और पहली पारी 191 रन पर खत्म की। श्रीलंका की तरफ से असिथा फर्नांडो और लाहिरु कुमार ने तीन-तीन विकेट झटके थे। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका ने यानसेन की अगुआई में गेंदबाजों के दम पर 149 रनों की बढ़त हासिल कर ली।