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Sri Lanka Crisis: श्रीलंका के आर्थिक संकट को लेकर मुखर हुए संगकारा और जयवर्धने, बोले- जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो

Sun, 03 Apr 2022 08:44 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

श्रीलंका में जरूरी सामानों की कीमतों में 30 से 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में वृद्धि के साथ थोक बाजार में दाल की कीमत बढ़कर 375 से 380 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इस कारण देश में दंगे-फसाद हो रहे हैं।
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महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आर्थिक संकट के कारण श्रीलंका की स्थिति खराब है। महंगाई अपने चरम पर पहुंच गई है। इस कारण देश में कई जगह दंगे हो रहे हैं। सरकार के खिलाफ लोग लगातार मुखर हो रहे हैं। इनमें अब क्रिकेटर भी शामिल हो गए हैं। श्रीलंका के पूर्व कप्तान और आईपीएल की टीम मुंबई इंडियंस के कोच महेला जयवर्धने ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने वाले कुछ लोगों ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसे लोगों को इस्तीफा देना चाहिए।
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दूसरी ओर महान श्रीलंकाई क्रिकेटर कुमार संगकारा ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने देश के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की। संगकारा ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट में कहा कि लोगों की निराशा और उनके संघर्ष को देखकर उनके लिए दिल टूट रहा है। उन्होंने श्रीलंका सरकार से देश भर में विरोध के बीच देश और उसके लोगों के हित में निर्णय लेने का आग्रह किया है। श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि सरकार को श्रीलंका के भविष्य की रक्षा के लिए तेजी से काम करना चाहिए।

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कुमार संगकारा का पोस्ट।

यह देश को बर्बाद करने का समय नहीं: जयवर्धने
जयवर्धने ने ट्विटर पर अपना बयान शेयर किया। उन्होंने कहा कि ये समस्याएं मानव निर्मित हैं और योग्य लोगों द्वारा ठीक की जा सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें देश को विश्वास देने के लिए एक अच्छी टीम की जरूरत है। यह देश को बर्बाद करने का समय नहीं है। बहाने बनाने का नहीं बल्कि सही काम करने और विनम्र होने का समय है।’’ जयवर्धने ने श्रीलंका के लिए 149 टेस्ट, 448 वनडे और 55 टी20 मैच खेले हैं।

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‘आपातकाल और कर्फ्यू को देखकर दुखी हूं’
जयवर्धने ने कहा, ‘‘मैं श्रीलंका में आपातकाल और कर्फ्यू को देखकर दुखी हूं। सरकार उन लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं कर सकती, जिन्हें विरोध करने का पूरा अधिकार है। ऐसा करने वाले लोगों को हिरासत में लेना स्वीकार्य नहीं है और मुझे उन बहादुर श्रीलंकाई वकीलों पर बहुत गर्व है जो उनके बचाव के लिए सामने आए हैं। सच्चे नेता गलतियों को स्वीकार करते हैं।’’

श्रीलंका में जरूरी सामानों की कीमतों में 30 से 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में वृद्धि के साथ थोक बाजार में दाल की कीमत बढ़कर 375 से 380 रुपये किलो तक पहुंच गई है। चीनी, चावल और सब्जी मसालों की कीमतों में भी इसी तरह से बड़ी वृद्धि हुई है। आयातित चावल की कीमतें 130 से 160 रुपये प्रति किलो के बीच बनी हुई हैं।
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