कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने दो ऐसे नाम हैं जिनके इर्द-गिर्द श्रीलंका क्रिकेट की धुरी कई वर्षों तक घूमती रही। अब यह दोनों ही कद्दावर क्रिकेटर अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं और इस बार अपना आखिरी वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे।
श्रीलंकाई टीम इस बार भले ही दावेदार के रूप में मैदान पर नहीं उतरेगी, लेकिन उसका इरादा इन दोनों को किसी भी तरह विजयी विदाई देने का जरूर होगा।
यहां यह बात ध्यान रखने वाली है कि श्रीलंका 2011 के पिछले वर्ल्ड कप में फाइनल तक पहुंची थी। यह टीम 1996 में विश्व खिताब अपने नाम कर चुकी है।
टीम की कमान एंजेलो मैथ्यूज के हाथों में हैं जो एक अच्छे नेतृत्वकर्ता के रूप में तेजी से उभर रहे हैं।
खास बातें
1982 में आईसीसी से टेस्ट दर्जा मिला।
कप्तान : एंजेलो मैथ्यूज
कोच : मार्वन अटापट्टू (श्रीलंका)
श्रीलंका की टीम- एंजेलो मैथ्यूज (कप्तान), लाहिरू थिरिमाने, दिनेश चांदीमल, तिलकरत्ने दिलशान, रंगाना हेराथ, महेला जयवर्धने, दिमुथ करुणारत्ने, नुवान कुलासेकरा, सुरंगा लकमल, लसित मलिंगा, जीवन मेंडिस, थिसारा परेरा, धमिका प्रसाद, कुमार संगकारा (विकेटकीपर) और सचित्र सेनानायके।