आईपीएल-6 में स्पॉट फिक्सिंग के लिए पाकिस्तान के लिए करीब 27 और दुबई के लिए करीब 3 टेलीफोन फोन लाइनें थीं।
ये लाइनें मैच शुरू होने से पहले खुल जाती थीं और मैच खत्म होने के काफी बाद यानि पांच घंटे में बंद हो जाती थीं।
इन पर लगातार कई घंटों तक बात होती रहती थी। ये टेलीफोन लाइनें ख्ुफिया एजेंसियों की पकड़ में भी नहीं आईं।
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद अंडरवर्ल्ड बुकी रमेश व्यास ने यह खुलासा किया। वहीं, दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील सट्टे के रेट (डिब्बा) खोलते थे।
स्पेशल सेल के संयुक्त पुलिस आयुक्त एमएम ओबराय ने बताया कि जहां से सट्टे या फिक्सिंग का रेट खुलता था, उसे डिब्बा बोलते हैं। दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील ही यह रेट बताते थे।
इसके बाद डॉ. जावेद और सलमान बुकीज को रेट बताते थे। इन दोनों से सट्टे की ज्यादातर लाइनें मुंबई में बैठे रमेश व्यास और दिल्ली में बैठे अश्विनी कुमार उर्फ टिंकू मंडी के पास आती थीं।
अश्वनी डॉ. जावेद और सलमान के सीधे संपर्क में था।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि अंडरवर्ल्ड के फिक्सिंग के सिंडीकेट में दाऊद, छोटा शकील, सलमान, रमेश व्यास, अश्वनी कुमार, संजय अग्रवाल उर्फ छोटा नागपुर, चंद्रेश जैन उर्फ जुपिटर, फिरोज अंसारी, जितेन्द्र जैन और सुनील भाटिया शामिल थे।
इनसे सट्टे की लाइनें आगे छोटे बुकीज के पास जाती थीं। पाकिस्तान, दुबई और पूरे भारत में सट्टे के एक ही रेट होते थे। यह बहुत ही रोचक बात है कि अंडरवर्ल्ड की दुनिया में रकम का बहुत ईमानदारी से लेन-देन होता था।