खेल मंत्रालय ने सोमवार को पद्म भूषण अवॉर्ड के लिए स्टार भारतीय महिला शटलर पीवी सिंधु पद्म भूषण सम्मान के लिए केंद्र सरकार को भेजा। पद्म भूषण देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
आपको बता दें कि पिछले साल भी खेल मंत्रालय ने पीवी सिंधु के नाम की सिफारिश पद्म भूषण के लिए की थी। सिंधु को इससे पहले साल 2015 में पद्मश्री पुरस्कार मिला था। खेल मंत्रालय की ओर से गृह मंत्रालय को पद्म पुरस्कारों के लिए भेजे गए नामों में पीवी सिंधु का नाम भी शामिल है। सिंधु के नाम की सिफारिश इसलिए खास है क्योंकि सिंधु ने ना तो खुद इसके लिए आवेदन किया था और ना ही बैंडमिंटन फेडरेशन की ओर उनका नाम आगे बढ़ाया गया था।
पीवी सिंधु ने पिछले एक वर्ष में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता। इसके अलावा हाल ही में उन्होंने कोरिया ओपन सुपरसीरीज में जापानी शटलर नोजोमी ओकुहारा को हराकर इतिहास रचा। यह खिताब जीतने वाली सिंधु पहली भारतीय बन गई हैं। 1991 से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में अब तक किसी भारतीय को सफलता हाथ नहीं लगी थी।
#FLASH: Indian shuttler PV Sindhu recommended for Padma Bhushan by Sports Ministry pic.twitter.com/kcjkpUwtED
— ANI (@ANI) September 25, 2017
इसके साथ ही सिंधु हाल ही में बीएफडब्ल्यू महिला एकल विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंची। सिंधु करियर में दूसरी बार रैंकिंग में इस पायदान पर पहुंची है। ओलिंपिक में सिल्वर मेडल अपने नाम करने वाली सिंधु इस साल 6 अप्रैल को भी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंची थीं।
इससे कुछ दिन पहले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम पद्म भूषण अवॉर्ड के लिए केंद्र सरकार को भेजा था। इस साल पद्म पुरस्कार के लिए बीसीसीआई की तरफ से सिर्फ धोनी का नाम ही भेजा गया है। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस विशिष्ट सम्मान के लिए धोनी का नाम भेजने पर बोर्ड के सभी वरिष्ठ अधिकारी सहमत थे।
क्रिकेट में धोनी के विशेष योगदान के लिए पद्म सम्मान के लिए धोनी को नामित किया गया है। धोनी की कप्तानी में देश को दो विश्वकप में जीत मिली।