चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में भारत का पहला मुकाबला 4 जून को अपने सबसे बड़े विरोधी पाकिस्तान से है। इस मैच से पहले ही कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत को पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट खेलना चाहिए या नहीं। सीमा पर चल रही पाकिस्तान की नापाक हरकतें और आतंकी गतिविधियों के मद्देनजर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत बंद है। ऐसे में भारत के खेल मंत्री विजय गोयल ने बड़ा बयान दिया है।
इस मैच से पहले भारत में दो धड़े बंट गए हैं। एक इस मैच के होने के पक्ष में है, जबकि दूसरे का कहना है कि भारत को मैच में खेलना चाहिए। आईसीसी इवेंट होने के कारण चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ न खेलने डिफेंडिंग चैंपियंस के लिए दिक्कतें पैदा करेगा। जबकि कुछ लोगों का मानना है कि भारत को किसी भी सूरत में पाकिस्तान के खिलाफ मैदान नें नहीं उतरना चाहिए। ऐसे में अपनी रेवेन्यू का रोना रोते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पदाधिकारियों से दुबई में मिलने की योजना बना रहे हैं।
India Pakistan can't play bilateral series till the terror from Pakistan remains: Union Minister Vijay Goel on BCCI-PCB meet in Dubai. pic.twitter.com/blkHNFT8rW
— ANI (@ANI_news) May 29, 2017
विजय गोयल
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इस मीटिंग से पहले देश के खेल मंत्री विजय गोयन ने कहा है कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में खेलेगा। जब तक पाकिस्तान की ओर से आतंकी गतिविधिया जारी हैं, तब तक दोनों देश के बीच सीरीज का आयोजन नहीं किया जा सकता। विजय गोयल ने कहा, "बीसीसीआई को सरकार से बात करने के बाद प्रपोजल भेजना चाहिए। आतंकवाद और खेल साथ साथ नहीं हो सकते।"
BCCI ko sarkaar se baat karne ke baad proposal dena chahiye. Atankwad aur khel saath nahi chal sakte: Vijay Goel on BCCI-PCB meet in Dubai pic.twitter.com/UzEiE4kY5R
— ANI (@ANI_news) May 29, 2017
बता दें कि भारत के खिलाफ सीरीज ने खेल पाने के कारण पाकिस्तान को जबरदस्त आर्थिक नुकसान हो रहा है। ऐसे में वो कई बार अपनी शिकायत दर्ज कर चुका है। वहीं, भारत भी अपने रुख पर अडिग है। ऐसे में यदि भारतीय बोर्ड पाकिस्तान की मांग स्वीकार करता है, तो यह भारत के लिए देश के लिए बड़ा झटका होगा। हालांकि, इस बात की संभावना काफी कम नजर आ रही है।