ट्रॉफी के साथ दक्षिण क्षेत्र की टीम
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दक्षिण क्षेत्र ने नौवीं बार देवधर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। उसने गुरुवार (तीन अगस्त) को खेले गए फाइनल में पूर्व क्षेत्र को 45 रन से पराजित किया। दक्षिण क्षेत्र 21 साल बाद इस खिताब को जीतने में सफल हुआ है। वह पिछली बार 2002 में चैंपियन बना था। दक्षिण की जीत में ओपनर रोहन कुन्नुमल और कप्तान मयंक अग्रवाल ने बल्लेबाजी में अहम योगदान दिया। वहीं, गेंदबाजी में वॉशिंगटन सुंदर ने कमाल का प्रदर्शन किया।
मैच में टॉस जीतकर दक्षिण क्षेत्र के कप्तान मयंक ने बल्लेबाजी का फैसला किया। ओपनर रोहन और मयंक ने शानदार शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 181 रन की साझेदारी की। रोहन कुन्नुमल ने 107 रन की जबरदस्त पारी खेली। उन्होंने 75 गेंदों का सामना किया। इस दौरान 11 चौके और चार छक्के लगाए। मयंक अग्रवाल ने 83 गेंद पर 63 रन बनाए।
जगदीशन ने भी लगाया अर्धशतक
मयंक के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज एन जगदीशन ने भी अर्धशतक लगाया। उन्होंने 54 रन की पारी खेली। रोहित रायुडू ने 26, साई किशोर ने नाबाद 24, साई सुदर्शन ने 19 और विजयकुमार ने 11 रन बनाए। पूर्व के लिए शाहबाज अहमद, रियान पराग और उत्कर्ष सिंह ने दो-दो विकेट लिए। दक्षिण ने 50 ओवर में आठ विकेट पर 328 रन बनाए।
शतक से चूक गए रियान पराग
जवाब में पूर्व की टीम 46.1 ओवरों में 283 रन पर सिमट गई। वाशिंगटन सुंदर ने 60 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि कवरप्पा, वासुकी और विजयकुमार ने दो-दो विकेट लिए। पूर्व ने 16 ओवरों में 72 रन पर चार विकेट गंवा थे। रियान पराग (95) और कुमार कुशाग्र (68) ने छठे विकेट के लिए 105 रन जोड़कर मैच का रोमांच बनाए रखा। रियान इस प्रतियोगिता में अपने तीसरे शतक से महज पांच रन दूर रह गए। उन्होंने 65 गेंदों की पारी में आठ चौके और पांच छक्के लगाए।