लंबे समय से चोटिल होकर मैदान से बाहर चल रहे दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। सोमवार को क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट से अलविदा कहते हुए स्टेन ने इसकी जानकारी दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट एसोसिएशन को दी। हालांकि स्टेन वन-डे और टी-20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।
36 वर्षीय स्टेन दक्षिण अफ्रीका के सबसे सफल गेंदबाज हैं। 16 साल तक अपने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले इस खिलाड़ी ने 93 टेस्ट में 438 विकेट चटकाए। इंग्लैंड के खिलाफ पोर्ट एलिजाबेथ में दिसंबर 2004 को डेब्यू करने वाले 'स्टेनगन' ने अपना आखिरी टेस्ट मैच (फरवरी 2019 बनाम श्रीलंका) भी उसी जगह खेला।
विश्व कप 2019 में दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। इसका एक कारण डेल स्टेन भी थे। जो कंधे की चोट की वजह से बिना एक भी मैच खेले टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे आईपीएल 2019 में भी स्टेन सिर्फ 2 ही मैच खेल पाए थे, जहां उन्होंने विराट कोहली की अगुवाई वाली आरसीबी के लिए चार विकेट भी चटकाए थे।
पिछले कुछ समय में दक्षिण अफ्रीका के दो दिग्गज खिलाड़ियों ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। 2018 में एबी डीविलियर्स ने खेल को अलविदा कहा था तो अब स्टेन ने भी टेस्ट क्रिकेट को बाय-बाय कह दिया। 36 साल के स्टेन ने 2016 में कंधे की सर्जरी कराई थी, लेकिन यह भी उन्हें पूरी तरह से ठीक नहीं कर पाई।
स्टेन को रविवार को ही दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट के 'स्ट्रीटवाइस अवार्ड' से नवाजा गया था। स्टेन ने क्रिकेट साउथ अफ्रीका को भेजे खत में लिखा, 'आज मैं क्रिकेट के उस फॉर्मेट से अलग हो रहा हूं जिससे सबसे ज्यादा प्यार किया। मेरा मानना है कि टेस्ट क्रिकेट खेल का बेहतरीन वर्जन है। आपकी मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक तौर पर परीक्षा लेता है। दोबारा टेस्ट न खेल पाने के बारे में सोचकर ही बुरा लगता है, लेकिन कभी न खेल पाना ज्यादा दर्दभरा है. इसलिए मैं वनडे व टी20 पर ध्यान दूंगा।'