बड़े टूर्नामेंटों में हर बार दावेदार के तौर पर उतरना और अहम समय पर चूक जाना, अभी तक यही दक्षिण अफ्रीकी टीम की नियति रही है। हालात इस बार भी अलग नहीं है।
2015 वर्ल्ड कप में भी इस टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार कप्तान एबी डीविलियर्स की अगुआई में यह टीम हर विभाग में बेहद मजबूत और संतुलित नजर आ रही है। टीम में डेविड मिलर ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके प्रदर्शन पर नजर रखने की जरूरत है।
गेंदबाजी विभाग में रफ्तार के सौदागर डेल स्टेन की आग उगलती गेंदों से बच पाना विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं होगा। देखना होगा कि क्या इस बार दक्षिण अफ्रीकी टीम अपनी प्रतिभा के साथ न्याय करते हुए खिताबी मंजिल हासिल कर पाती है या फिर उस पर लगा चोकर्स का ठप्पा इस बार भी कायम रहेगा।
खास बातें
1889 में आईसीसी से टेस्ट दर्जा मिला
कप्तान : एबी डीविलियर्स
कोच : रसेल डोमिंगो (दक्षिण अफ्रीका)
दक्षिण अफ्रीका की टीम- एबी डीविलियर्स (कप्तान), हाशिम अमला, काइल एबॉट, फरहान बेहरादीन, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), जीन पाल डुमिनी, फैफ डु प्लेसिस, इमरान ताहिर, डेविड मिलर, मोर्न मोर्केल, वायने पर्नेल, आरोन फैंगिसो, वर्नोन फिलेंडर, राइली रोसोउ और डेल स्टेन।