गांगुली ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा- बिश्नोई और कुलदीप अच्छे स्पिनर्स हैं, लेकिन चहल किसी बड़े टूर्नामेंट में खेलने से चूक जाते हैं। वह क्रिकेट के छोटे प्रारूपों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं, चाहे वह 20 ओवर का हो या 50 ओवर का। उन पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। गांगुली ने यह भी कहा कि SENA देशों यानी साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के लिए रिस्ट स्पिनर्स को खेलना मुश्किल लगता है। खासतौर जब मैच भारतीय कंडीशन में हो तो उनके लिए और मुश्किल खड़ी हो जाती है।
गांगुली ने कहा- जब आप ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड या दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने उतरेंगे, तो एक रिस्ट स्पिनर इन परिस्थितियों में अंतर पैदा कर सकता है। 2011 वनडे विश्व कप में पीयूष चावला थे। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की थी। पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया कि जब-जब स्पिनर्स ने वर्ल्ड कप में विकेट निकाल कर दिए हैं, तब-तब भारत ने टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा, "जब हम 2007 में टी20 विश्व कप खेलने दक्षिण अफ्रीका गए थे, तो वहां भी हमारे कलाई के स्पिनरों ने तेज गेंदबाजों के साथ मिलकर अच्छी गेंदबाजी की थी। हरभजन सिंह उस टीम में थे। मुझे लगता है कि भारतीय परिस्थितियों में एक रिस्ट स्पिनर को रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा। भारत अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत आठ अक्तूबर को चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगा। वहीं, भारत-पाकिस्तान के बीच महामुकाबला 15 अक्तूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।