सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग
गांगुली ने उस दौरे को याद करते हुए बताया कि मैं वास्तव में सुरक्षा व्यवस्था से तंग आ गया था। मैं जब पहले दिन होटल के कमरे से बाहर गया तो देखा सामने दो लोग एके-47 के साथ खड़े थे। एक दरवाज़े की ओर देख रहा था और एक दूसरी तरफ देख रहा था। इसलिए मैं मैनेजर के पास गया और उससे कहा कि हम यहां 45 दिनों के लिए हैं, आप कृपया कमरे के सामने से सुरक्षा हटा दें और इन्हें लॉबी में भेज दें। क्योंकि हम रोज सुबह उठकर किसी को यहां एके-47 के साथ खड़े नहीं देख सकते हैं। कहीं गलती से कोई गोली चल गई तो क्या होगा।
उन्होंने बताया कि कराची में एयरपोर्ट से बाहर आकर होटल की ओर गाड़ी चल रही थी। पूरी सड़क बंद थी और यह एक अच्छा 10 किलोमीटर की ड्राइव थी। मुख्य सड़क पर जाने वाले हर साइड रोड को ब्लॉक कर दिया गया था। हर तरफ सुरक्षाकर्मी, मिलिट्री और टाइगर्स थे जो हर नुक्कड़ और कोने में दिखते थे। हम कराची में जिस होटल में ठहरे थे, मुझे लगता है कि यह तीसरी मंजिल पर था, इसलिए किसी भी मेहमान को दूसरी और चौथी मंजिल नहीं दी गई थी।