टीम इंडिया के नए कोच के चयन के लिए जब क्रिकेट समिति अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है तो ऐसे में समिति में शामिल गांगुली ने कहा है कि वो पुरानी गलती नहीं दोहराएंगे।
आज से लगभग 11 साल पहले टीम इंडिया की कमान सौरव गांगुली के हाथों में थी और उनकी तूती भारतीय क्रिकेट में जमकर बोलती थी। इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि उनके ही कहने पर बीसीसीआई ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल को भारतीय टीम का कोच बनाया गया था। लेकिन उसके बाद कप्तान गांगुली और कोच चैपल के बीच जो कुछ हुआ उसे सभी जानते हैं। दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ। झगड़ा ड्रेसिंग रूम में बाहर भी होने लगा, गांगुली की कप्तानी भी चली गई।
अब गांगुली बोर्ड की उस क्रिकेट सलाहकार समिति का हिस्सा हैं जिनका काम टीम के नए कोच का चुनाव करना है। इस समिति में गांगुली के अलावा वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर हैं।
पूर्व कप्तान गांगुली ने अपनी किताब 'ए सेंचुरी इज नॉट इनफ' की लॉचिंग के अवसर पर कहा, "मेरे पास एक बार कोच चुनने का मौका था। मुझे लगा कि 2005 की घटना के बाद से मुझे फिर ऐसा मौका नहीं मिलेगा। लेकिन मैं किस्मतवाला हूं कि मुझे मौका मिला। मैंने एक बार चैपल का इंटरव्यू लिया था लेकिन वह बहुत शानदार साबित नहीं हुआ।"