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किस्सा: 'लोग उन खिलाड़ियों को हमेशा याद रखेंगे जो टेस्ट मैचों में रन बनाते हैं', गांगुली ने क्यों कही ये बात?

Thu, 24 Jun 2021 08:43 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली - फोटो : ANI
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बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर एक बड़ी बात कही है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान का कहना है कि लोग उन खिलाड़ियों के हमेशा याद रखेंगे जो टेस्ट मैचों में रन बनाते हैं। 'स्टार स्पोर्ट्स' से बातचीत में गांगुली ने उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा, जब हमने बचपन में क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तब टेस्ट क्रिकेट अंतिम क्रिकेट प्रारूप था और मुझे लगता है कि यह अभी भी अंतिम प्रारूप है। इसलिए इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है।' 

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गांगुली ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि अगर कोई खिलाड़ी सफल होना चाहता है और खेल पर अपनी छाप छोड़ना चाहता है तो टेस्ट क्रिकेट सबसे बड़ा मंच है। यहां वो कर सकता है। लोग उन खिलाड़ियों को हमेशा याद रखेंगे, जो अच्छा खेलते हैं और टेस्ट मैचों में रन बनाते हैं। यदि आप क्रिकेट के सभी सबसे बड़े नामों को देखें तो सभी ने टेस्ट क्रिकेट में अच्छा किया है। पिछले 40-50 वर्षों में उन सभी के पास सफल टेस्ट रिकॉर्ड हैं।'

बता दें कि 25 साल पहले 22 जून 1996 को प्रिंस ऑफ कोलकाता के नाम से मशहूर गांगुली ने टेस्ट करियर का आगाज किया था। अपने टेस्ट डेब्यू का किस्सा साझा करते हुए उन्होंने कहा, 'कई लोगों को लॉर्ड्स में अपना पहला टेस्ट खेलने के लिए नहीं मिलता है और मुझे याद है कि लॉर्ड्स का स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। मैं पहले दिन लंबे कमरे से नीचे उतरकर हैरान था और सौभाग्य से हमने फील्डिंग किया। नहीं तो एक बल्लेबाज के तौर पर मुझे नंबर तीन पर बल्लेबाजी करनी थी। 22 जून का दिन शनिवार था, सभी सीटें भरी हुईं थीं। इसी दिन मैंने शतक जड़ा था। चाय के दौरान मैं 100 पर बल्लेबाजी कर रहा था और मैं मानसिक रूप से थक गया था और शारीरिक रूप से और ज्यादा क्योंकि डेब्यू का पहला शतक था। 

उन्होंने आगे कहा, 'भावनाएं, खुशियां, ऊंचाइयां आपको थका देती हैं। मुझे याद है सचिन मेरे पास आए और बोले- तुम आराम करो, चाय पी लो। इसलिए मुझे याद है कि जब मैं ड्रेसिंग रूम में गया था तो हर कोई मेरी उपलब्धि के कारण मुझे खुश करने के लिए ड्रेसिंग रूम के बाहर ताली बजा रहे थे। बीसीसीआई अध्यक्ष ने आगे कहा, 'फिर कुछ वर्षों बाद भारत की कप्तानी करना, एक टीम बनाना, फिर किसी को कप्तानी देना और अभी भी मैच जीतने की यात्रा का हिस्सा बनना और राष्ट्रीय टीम को विकसित होते देखना, दुनिया भर में एक ताकत बनना, जो आपकी कप्तानी में शुरू हुई थी। इसके बाद प्रशासनिक भूमिका में रहकर खेल को बदलने की कोशिश करना और उसे बढ़ावा देना। मैं बहुत भाग्यशाली महसूस करता हूं कि एक अध्यक्ष के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान भारत ने ऑस्ट्रेलिया में 2-1 से एक उल्लेखनीय सीरीज जीती। यह एक शानदार यात्रा रही है और एक खिलाड़ी के रूप में, एक क्रिकेटर के रूप में, आप इससे बेहतर कुछ भी उम्मीद नहीं कर सकते।'
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बता दें कि अपने डेब्यू मैच में गांगुली ने इंग्लैंड के खिलाफ 131 रन की शानदार शतकीय पारी खेली थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 344 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत ने 429 रन बनाए। इंग्लैंड ने दूसरी पारी में नौ विकेट पर 278 रन बनाए। भारत को दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला और मैच ड्रॉ रहा था।
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