गांगुली ने इस मजेदार किस्से का खुलासा अपनी आने वाली किताब '
अ सेंचुरी इज नॉट इनफ' में किया है। पूर्व खिलाड़ी ने कुछ रोचक किस्से पब्लिशर जगरनॉट के पेज पर पोस्ट किए हैं।
गांगुली ने लिखा, 'मैंने
हरभजन सिंह जैसे सरदार जी के भेष में जाने का फैसला किया। अगर भीड़ ने मुझे पहचान लिया तो स्थिति हाथ से निकल जाएगी और इस पर नियंत्रण करना मुश्किल होगा। मगर पैरा लड़कों और परिवार के सदस्यों के साथ ट्रक में दुर्गा मूर्ती ले जाना अनूठा अनुभव होगा, जिसे सोचकर मैं काफी खुश था।'
उन्होंने आगे कहा, 'मेरे सभी रिश्तेदारों ने मुझे घेर लिया और कहा कि आपको पहचान लिया जाएगा। मैंने उन्हें तगड़ा जवाब दिया और चुनौती ले ली कि ऐसा नहीं होगा। मगर उनकी बात सच निकली। मुझे ट्रक में पुलिस वालों ने बैठने की इजाजत नहीं दी और मैं अपनी बेटी सना के साथ कार में बैठकर गया।'
बकौल गांगुली, 'जब कार बाबूघाट क्षेत्र पहुंची तो एक पुलिस इंस्पेक्टर ने खिड़की से झांका और मुझे ध्यान से देखा। उसने मुझे पहचान लिया था और इसी कारण वह मुस्कुराया। मैं शर्मिंदा हुआ, लेकिन उनसे कहा कि इसे राज ही रहने दें। वह शानदार अनुभव था। नदी के पास विसर्जन का दृश्य अद्भुत था। इसे समझने के लिए आपको इसे देखना होगा। दुर्गा मां साल में सिर्फ एक बार जो आती हैं।'