अपनी हठधर्मिता के कारण अक्सर सुर्खियों में रहने वाले रायल बंगाल टाइगर सौरव गांगुली ने आखिरकार मैदान में बल्ला थामे रहने का बालहठ छोड़ते हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सत्र में नहीं खेलने का फैसला कर लिया है।
पिछले सत्र में सहारा पुणे वारियर्स के कप्तान के तौर पर आईपीएल-5 में उतरे गांगुली और टीम प्रबंधन के बीच बातचीत में दोनों तरफ से इस मसले पर सहमति बन गयी कि गांगुली इस सत्र में नहीं खेलेंगे। इसके साथ गांगुली के लगभग 22 वर्ष के पेशेवर क्रिकेट करियर का सूर्यास्त हो गया है।
टीम इंडिया, आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइटराइडर्स और पुणे वारियर्स के कप्तान रह चुके गांगुली को 2011 में कोई खरीदार नहीं मिल पाने के कारण काफी लानत झेलनी पड़ी थी लेकिन फिर आखिरी क्षणों में सहारा ने उन्हें सहारा दिया। इस टीम के साथ भी गांगुली दो सत्रों में कुछ खास नहीं कर सके।
आईपीएल-5 में ही ऐसी खबरें थी कि वारियर्स टीम प्रबंधन गांगुली से पीछा छुड़ाना चाहता है। इसके लिए उन्हें मेंटर की भूमिका भी दी गयी लेकिन वह खिलाडी के तौर मैदान में उतरने पर अडे़ रहे। आगामी सत्र के लिए सभी फ्रेंचाइजी को 31 अक्टूबर तक अपने खिलाडियों की सूची आईपीएल संचालकों को देनी है। माना जा रहा है कि इसी के मद्देनजर यह अहम फैसला किया गया है।