सीओए प्रमुख विनोद राय ने कहा कि एजीएम के दौरान पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘पहले पिछले तीन साल के खातों को मंजूरी दी जाएगी। उसके बाद निर्वाचन अधिकारी चुनाव के नतीजे का ऐलान करेंगे क्योंकि सभी निर्विरोध चुने गए हैं। हम सौरव से बात करके शेड्यूल तय करेंगे।’
गांगुली सिर्फ करीब दस महीने ही बोर्ड अध्यक्ष रहेंगे और अगले साल जुलाई में उनका कार्यकाल खत्म हो जाएगा। नए नियमों के मुताबिक कोई भी सदस्य लगातार छह साल तक ही क्रिकेट बोर्ड के किसी पद पर रह सकता है। गांगुली पांच साल दो महीने से बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष इसलिए बीसीसीआई में उनका कार्यकाल सिर्फ दस महीने का रहेगा।
गांगुली बीसीसीआई के ऐसे पहले अध्यक्ष होंगे जिनके पास 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच का अनुभव होगा। उन्होंने 424 मैच खेले। उनसे पहले 1954 से 1956 तक तीन टेस्ट खेलने वाले महाराजा ऑफ विजयनगरम (विजय आनंद गणपति राजू) ही पूर्णकालिक अध्यक्ष थे। हालांकि 233 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले सुनील गावस्कर और 34 मैच खेलने वाले शिवलाल यादव ने भी बोर्ड का नेतृत्व किया, लेकिन दोनों 2014 में कुछ समय के लिए अंतरिम अध्यक्ष ही थे।
3.5-3.5 करोड़ रुपये सीओए प्रमुख राय और सदस्य डायना एडुल्जी को वेतन के रूप में दिए जाएंगे। इनमें से 2017 के लिए प्रति माह 10 लाख, 2018 के लिए 11 और 2019 के लिए प्रति माह 12 लाख रुपये दोनों को दिए जाएंगे
बीसीसीआई के 33 महीने के संचालन के दौरान भारतीय क्रिकेट का ‘अच्छा और बुरा’ दौर देखने वाले प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय सौरव गांगुली के अध्यक्ष बनने से खुश हैं. उन्होंने कहा कि सौरव गांगुली जैसे दर्जे का कोई व्यक्ति भारतीय क्रिकेट की बागडोर संभाल रहा है, जो सुखद है।
राय ने कहा, 'मैं सौरव का बेहद सम्मान करता हूं। उसे बंगाल क्रिकेट संघ का प्रभावी तरीके से संचालन करते हुए देखकर और यह तथ्य से कि उसकी क्षमता और उपलब्धियों वाला क्रिकेटर बीसीसीआई का संचालन करेका, उसके प्रति मेरा सम्मान और बढ़ गया। मुझे नहीं लगता कि बीसीसीआई की बागडोर संभालने के लिए उससे बेहतर व्यक्ति हो सकता है।