राहुल मूल रूप से दायें हाथ के बल्लेबाज और बायें हाथ के मध्यम तेज गति के गेंदबाज थे। उन्होंने 47 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें उन्होंने 35.77 की औसत से 2,111 रन बनाए।
मुंबई के पूर्व खिलाड़ी और महान क्रिकेटर वीनू माकंड़ के बेटे राहुल मांकड़ का लंबी बीमारी के बाद बुधवार को निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे। राहुल के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। राहुल काफी समय तक पिता वीनू मांकड़ को सम्मान दिलाने के लिए लड़ाई भी लड़े थे।
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मुंबई के पूर्व खिलाड़ी शिशिर हतंगड़ी ने फेसबुक पोस्ट के जरिये इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा- जिग्गा भाई, मेरे दोस्त राहुल मांकड़ की आत्मा को भगवान शांति दे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी महीने उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा था और उनका इलाज लंदन में चल रहा था। उन्होंने लंदन में ही अंतिम सांस ली।
राहुल मूल रूप से दायें हाथ के बल्लेबाज और बायें हाथ के मध्यम तेज गति के गेंदबाज थे। उन्होंने 47 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें उन्होंने 35.77 की औसत से 2,111 रन बनाए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 162 रन का रहा। फर्स्ट क्लास में उनके नाम पांच शतक और 12 अर्धशतक हैं। फर्स्ट क्लास में राहुल के नाम सात विकेट भी हैं। उन्होंने 10 लिस्ट-ए मैच भी खेले। इसमें उनके नाम 66 रन हैं।
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राहुल मांकड़ का पूरा परिवार क्रिकेट से जुड़ा रहा। पिता वीनू मांकड़ के बाद उनके भाई अशोक और अतुल मांकड़ भी क्रिकेटर ही रहे थे। अशोक ने भारत का भी प्रतिनिधित्व किया था, जबकि अतुल घरेलू क्रिकेट खेलते थे। राहुल मांकड़ 1972-73 से 1984-85 तक क्रिकेट खेले थे।
आईपीएल 2018 में अश्विन ने जोस बटलर ने मांकडिंग के जरिये रन आउट किया था। क्रिकेट में ये नियम बेहद पुराना है और इसकी शुरुआत राहुल के पिता और पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीनू मांकड़ ने की थी। इसी वजह से इसे मांकडिंग के रूप में जाना गया।
मांकडिंग पहले अनफेयर प्ले की श्रेणी में आता था, जिसे 2022 में अनफेयर प्ले की श्रेणी से हटा दिया गया था। इस फैसले से राहुल बेहद खुश हुए थे और उन्होंने इसे अपने पिता के सम्मान की जीत बताया था।