सार
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना आज 30 साल की हो गई हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, शानदार रिकॉर्ड और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
भारतीय महिला क्रिकेट की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। आज महिला टीम के मुकाबलों में स्टेडियम दर्शकों से भरने लगे हैं और टीवी व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी संख्या में लोग मैच देखते हैं। इस बदलाव के पीछे जिन खिलाड़ियों का सबसे बड़ा योगदान माना जाता है, उनमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान और स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का नाम सबसे आगे आता है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, शानदार तकनीक और निरंतर प्रदर्शन के दम पर स्मृति मंधाना ने न केवल भारतीय टीम को कई यादगार जीत दिलाई हैं, बल्कि महिला क्रिकेट को नई पहचान भी दिलाई है। लोकप्रियता के मामले में वह देश के कई पुरुष क्रिकेटरों को भी कड़ी टक्कर देती हैं। मैदान पर अक्सर फैंस के बीच 'मंधाना... मंधाना...' के नारे उनकी बढ़ती लोकप्रियता की गवाही देते हैं।
बचपन से ही क्रिकेट से जुड़ाव
स्मृति मंधाना का जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई में हुआ था। उनका परिवार पहले से ही क्रिकेट से जुड़ा रहा है। उनके पिता और भाई दोनों क्रिकेट खेल चुके हैं। इसी माहौल ने स्मृति को भी क्रिकेट की ओर प्रेरित किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके पिता को बाएं हाथ के बल्लेबाज बेहद पसंद थे, इसलिए उन्होंने भी बाएं हाथ से बल्लेबाजी करना शुरू किया। महज नौ साल की उम्र में उन्हें महाराष्ट्र की अंडर-15 टीम में जगह मिल गई थी, जबकि 11 साल की उम्र में वह राज्य की अंडर-19 टीम का हिस्सा बन गईं।
2013 में किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद स्मृति मंधाना ने 5 अप्रैल 2013 को बांग्लादेश के खिलाफ टी20 मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जल्द ही भारतीय महिला टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गईं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 2014, जबकि वनडे और टी20 में 2013 में पदार्पण किया।
तीनों फॉर्मेट में शानदार रिकॉर्ड
करीब 13 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में स्मृति मंधाना ने तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है।
- टेस्ट: 9 मैच, 788 रन, 2 शतक, 5 अर्धशतक
- वनडे: 120 मैच, 5,411 रन, 14 शतक, 35 अर्धशतक
- टी20 अंतरराष्ट्रीय: 171 मैच, 4,538 रन, 1 शतक, 35 अर्धशतक
उनकी आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत दिला चुकी है।
उपलब्धियों से भरा शानदार करियर
स्मृति मंधाना के नाम कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हैं। वह ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी के बाद आईसीसी विमेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार दो बार जीतने वाली दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। उनके नाम भारत की ओर से वनडे में सबसे तेज शतक (50 गेंदों में) लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वह वनडे क्रिकेट में मिताली राज के बाद भारत की दूसरी सबसे सफल बल्लेबाज हैं। इसके अलावा मंधाना तीनों अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज हैं। महिला क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाली पहली खिलाड़ी बनने का गौरव भी उनके नाम है। एक कैलेंडर वर्ष में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा चार शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उन्होंने अपने नाम किया है।
कप्तानी की भी मजबूत दावेदार
30 वर्षीय स्मृति मंधाना को भविष्य में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्णकालिक कप्तानी का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हरमनप्रीत कौर के बाद टीम की कमान संभालने की दौड़ में उनका नाम सबसे आगे है। उन्होंने महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी करते हुए टीम को दो बार खिताब दिलाकर अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित की है।
आगे भी टूट सकते हैं कई रिकॉर्ड
स्मृति मंधाना अभी अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं। अगर उनकी मौजूदा फॉर्म बरकरार रहती है, तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय ही नहीं, बल्कि विश्व महिला क्रिकेट में कई नए रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं। अपनी बल्लेबाजी, निरंतरता और नेतृत्व क्षमता के दम पर वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी हैं।