सार
दूसरे यूथ टेस्ट के पहले दिन भारत अंडर-19 ने शुरुआती दो विकेट बिना रन के गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए 65 ओवर में तीन विकेट पर 253 रन बनाए। कुशाग्र ओझा ने नाबाद 103 रन, जबकि कप्तान यशबर्धन चौहान (78) और मनाल चौहान (नाबाद 55) ने अहम पारियां खेलीं।
भारत अंडर-19 टीम ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे यूथ टेस्ट के पहले दिन शुरुआती दो विकेट बिना कोई रन बनाए गंवाने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। खराब रोशनी के कारण पहले दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा। उस समय भारत का स्कोर 65 ओवर में तीन विकेट पर 253 रन था।
कुशाग्र ने संभाला मोर्चा
पहले दिन के नायक कुशाग्र ओझा रहे, जिन्होंने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 177 गेंदों में नाबाद 103 रन बनाए। बाएं हाथ के बल्लेबाज ओझा ने नई गेंद का शानदार सामना किया और फिर अपनी पारी को शतक में तब्दील कर टीम को मजबूत आधार दिया। कप्तान यशबर्धन चौहान ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 89 गेंदों में 78 रन बनाए। वहीं मनाल चौहान दिन का खेल समाप्त होने तक 108 गेंदों में 55 रन बनाकर नाबाद लौटे। ओझा, यशबर्धन और मनाल की साझेदारियों ने भारत को शुरुआती संकट से उबार दिया।
शुरुआत रही बेहद खराब
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पहले मैच में दोहरा शतक लगाने वाले लक्ष्य रायचंदानी और शतकवीर सागर विर्क दोनों बिना खाता खोले आउट हो गए। भारत का स्कोर बिना किसी रन के दो विकेट हो गया था। इसके बाद कुशाग्र ओझा ने कप्तान यशबर्धन चौहान और फिर मनाल चौहान के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कर पारी को संभाला। उन्होंने धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया और लगातार रन गति बनाए रखी।
दूसरे दिन बड़ी बढ़त का लक्ष्य
श्रीलंका के गेंदबाजों को बीच-बीच में सफलता जरूर मिली, लेकिन वे अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहे कुशाग्र ओझा को आउट नहीं कर सके। अब दूसरे दिन भारत की कोशिश पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने की होगी, जबकि श्रीलंका शुरुआती विकेट लेकर वापसी करना चाहेगा। गौरतलब है कि दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला यूथ टेस्ट ड्रॉ रहा था।