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आखिर भारत से क्यों नहीं निकल पा रहा कोई विश्व स्तरीय अंपायर, खुद बता रहे साइमन टॉफेल

Tue, 26 Nov 2019 04:20 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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टेस्ट अंपायरिंग - फोटो : ट्विटर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के एलीट पैनल में अभी कोई भारतीय अंपायर शामिल नहीं है और प्रतिष्ठित अंपायर साइमन टॉफेल को निकट भविष्य में भी किसी भारतीय के इसमें जगह बनाने की उम्मीद नहीं है क्योंकि उनका मानना है कि एक विश्व स्तरीय अधिकारी को तैयार करने में एक दशक का समय लगता है।
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एस रवि - फोटो : ट्विटर
पैनल में 2015 से भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे एस रवि को इस साल की शुरुआत में हटा दिया गया। उन्होंने एशेज सहित 33 टेस्ट, 48 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 18 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की।
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साइमन टॉफेल
अब संन्यास ले चुके और 2004 से 2008 के बीच दुनिया के नंबर एक अंपायर रहे टॉफेल ने पीटीआई से कहा, ‘विश्व स्तरीय अंपायर तैयार करने में 10 साल का समय लगता है। मुझे याद है कि 2006 में जब हमने भारत में हमारा कार्यक्रम शुरू किया था, इसके बाद एस रवि को एलीट पैनल में शामिल होने में 10 साल लगे।’

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साइमन टॉफेल - फोटो : ट्विटर
उन्होंने कहा, ‘इसलिए मुझे लगता है कि पुनर्विचार की जरूरत है (बीसीसीआई की ओर से)। मैं सुनिश्चित नहीं हूं कि कुछ गलत है, उन्हें अंपायरों की जरूरत है और सौरव गांगुली (बीसीसीआई के नए प्रमुख) जब घरेलू क्रिकेट को मजबूत करने की बात करते हैं तो संभवत: वह सही राह पर हैं और उम्मीद करता हूं कि अंपायरिंग भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होगा।’ 
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एस. वेंकट राघवन - फोटो : ट्विटर
टॉफेल ने कहा कि जल्द ही एलीट पैनल में किसी भारतीय के शामिल होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि इस प्रक्रिया में समय लगता है। एस वेंकेटराघवन के बाद 53 साल के रवि 12 सदस्यीय आईसीसी एलीट पैनल में जगह बनाने वाले दूसरे भारतीय थे।
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साइमन टॉफेल - फोटो : ट्विटर
इस ऑस्ट्रेलियाई कोच ने कहा, ‘यह सिर्फ अंपायरों की बात नहीं है, यह ढांचे और व्यवस्था की बात है। यह उस माहौल को तैयार करने की बात है जहां अंपायर प्रगति कर सकें। इसका मतलब है कि आपके पास समर्पित संसाधन होने चाहिए। आपको पास अंपायर मैनेजर, अंपायर कोच, अंपायर ट्रेनर होना चाहिए।’ टॉफेल 2012 में संन्यास के बाद अक्टूबर 2015 तक आईसीसी के अंपायर परफोर्मेंस एवं ट्रेनिंग मैनेजर रहे।
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