साइमन टॉफेल
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इस ऑस्ट्रेलियाई कोच ने कहा, ‘यह सिर्फ अंपायरों की बात नहीं है, यह ढांचे और व्यवस्था की बात है। यह उस माहौल को तैयार करने की बात है जहां अंपायर प्रगति कर सकें। इसका मतलब है कि आपके पास समर्पित संसाधन होने चाहिए। आपको पास अंपायर मैनेजर, अंपायर कोच, अंपायर ट्रेनर होना चाहिए।’ टॉफेल 2012 में संन्यास के बाद अक्टूबर 2015 तक आईसीसी के अंपायर परफोर्मेंस एवं ट्रेनिंग मैनेजर रहे।