सार
शुभमन गिल को टी20 विश्व कप 2026 से बाहर करने का फैसला अहमदाबाद में खेले गए टी20 मैच से पहले ही ले लिया गया था। हालांकि, उनकी चोट गंभीर नहीं थी। खराब फॉर्म के चलते बीसीसीआई ने इसे कोर्स करेक्शन मानते हुए चयन नीति में बड़ा बदलाव किया।
टी20 विश्व कप 2026 के लिए शनिवार को भारतीय टीम का एलान हो गया, जिसमें शुभमन गिल को जगह नहीं दी गई। भारतीय प्रशंसकों के लिए यह चौंकाने वाला फैसला था। 26 वर्षीय बल्लेबाज को भारत का अगला तीनों प्रारूपों का कप्तान माना जा रहा था। हाल ही में उन्हें टी20 टीम का उपकप्तान भी बनाया गया था। लेकिन खराब फॉर्म और उपलब्ध विकल्पों को देखते हुए टीम प्रबंधन ने उन्हें पूरी तरह टीम से बाहर करने का फैसला किया। अब ओपनिंग की जिम्मेदारी एक बार फिर संजू सैमसन निभाएंगे, जबकि ईशान किशन को बैकअप विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया गया है।
पहले ही तय हो चुका था गिल का बाहर जाना
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम प्रबंधन पहले से ही शुबमन गिल को लेकर दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहा था। गिल को पैर में चोट के कारण लखनऊ में खेले जाने वाले चौथे टी20 से बाहर बैठना पड़ा था। हालांकि चोट गंभीर नहीं थी, फिर भी उन्हें अहमदाबाद में होने वाले आखिरी मुकाबले में खेलने के लिए नहीं उतारा गया। इससे साफ संकेत मिल गए थे कि टीम प्रबंधन का फैसला लगभग तय हो चुका था।
गिल ने जताई थी अहमदाबाद में खेलने की इच्छा
रिपोर्ट में बीसीसीआई सूत्रों के हवाले से कहा गया है, 'टीम प्रबंधन ने उपकप्तान को बाहर करने का फैसला पहले ही कर लिया था, जबकि गिल अहमदाबाद में खेलना चाहते थे क्योंकि उनकी चोट ज्यादा गंभीर नहीं थी।' रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शुरुआत में मेडिकल टीम को हेयरलाइन फ्रैक्चर का शक था, लेकिन बाद की स्कैन रिपोर्ट में यह सिर्फ एक ब्रूज (चोट) निकली और गिल पेनकिलर लेकर खेल सकते थे।
खराब फॉर्म बना सबसे बड़ी वजह
शुभमन गिल का टी20 में हालिया प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है। एशिया कप के दौरान टीम में वापसी के बाद से उन्होंने 15 मैचों में सिर्फ 291 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 137.26 रहा है, जिसमें एक भी अर्धशतक या शतक शामिल नहीं है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टी20 सीरीज में भी गिल का बल्ला खामोश रहा और उन्होंने तीन मैचों में सिर्फ 32 रन बनाए, जिससे उनके चयन पर दबाव और बढ़ गया।
टी20 विश्व कप से पहले बीसीसीआई का 'कोर्स करेक्शन'
गिल को बाहर किए जाने पर एक पूर्व चयनकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि चयन समिति अपनी गलती सुधारने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, अजrत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने गिल को उपकप्तान बनाकर जल्दबाजी की थी। पूर्व चयनकर्ता ने कहा, 'एशिया कप के दौरान इंग्लैंड टेस्ट में शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें उपकप्तान बनाना गलत फैसला था, खासकर जब संजू सैमसन ने कोई गलती नहीं की थी। विश्व कप से सिर्फ पांच मैच पहले उन्हें बाहर करना साफ तौर पर एक कोर्स करेक्शन है।' उन्होंने यह भी इशारा किया कि इस फैसले में हेड कोच गौतम गंभीर की भूमिका ज्यादा दिखती है, जिन्हें चयन और टीम संयोजन में निरंतरता बनाए रखने के लिए नहीं जाना जाता।