भारतीय टी20 टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा है कि राष्ट्रीय टीम की कप्तानी मिलने के बाद भी वह अपने व्यक्तित्व और सोच में कोई बदलाव नहीं करेंगे। उनका मानना है कि नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के लिए किसी और जैसा बनने की जरूरत नहीं है। 31 वर्षीय अय्यर को शनिवार को भारतीय टी20 टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर सूर्यकुमार यादव की जगह ली है, जिन्होंने मार्च में भारत को टी20 विश्व कप का खिताब दिलाया था।
क्या बोले अय्यर?
एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अय्यर ने कहा, 'मुझे अपनी पहचान बदलने की जरूरत नहीं है। मैं वही इंसान रहूंगा जैसा पहले था। मुझे किसी और की छाया में रहने या किसी की तरह बनने की आवश्यकता नहीं है।'
मुंबई की क्रिकेट संस्कृति ने बनाया मजबूत
अय्यर ने कहा कि मुंबई में क्रिकेट का स्तर और प्रतिस्पर्धा बेहद ऊंची है, जिसने उन्हें चुनौतियों का सामना करना सिखाया। उन्होंने कहा, 'मैं बचपन से ही चुनौतियों का सामना करना पसंद करता हूं। मुंबई में हर दूसरा बच्चा मुंबई टीम का प्रतिनिधित्व करना चाहता है। यहां प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है और इसी माहौल ने मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।'
जीतने की मानसिकता हमेशा रही प्राथमिकता
नए कप्तान ने बताया कि उनका लक्ष्य हमेशा जीत हासिल करना रहा है। उन्होंने कहा, 'मेरा ध्यान हमेशा जीतने पर रहा है। सीखना और जीतना दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन खेल का आनंद लेना और प्रतिस्पर्धी स्वभाव विकसित करना आपको एक अलग स्तर पर पहुंचाता है।' अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम की कप्तानी उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होने के साथ-साथ एक रोमांचक चुनौती भी है।
आयरलैंड दौरे से शुरू होगा कप्तानी का सफर
श्रेयस अय्यर आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टी20 सीरीज में पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे। अय्यर ने दिसंबर 2023 में अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। इसके बाद वह टीम से बाहर हो गए थे, लेकिन शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने वापसी की और अब टीम की कमान भी संभालेंगे।
सौरव गांगुली ने किया समर्थन
पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अय्यर की कप्तानी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह जिम्मेदारी हासिल की है। गांगुली ने कहा, 'श्रेयस ने अच्छा प्रदर्शन किया है और उन्होंने यह अवसर कमाया है। मैं यह नहीं कहूंगा कि सूर्यकुमार यादव को हटाना गलत फैसला है। चयनकर्ताओं ने सोच-समझकर निर्णय लिया है।' उन्होंने संकेत दिया कि चयनकर्ताओं को टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने का पूरा अधिकार है।