क्रिकेट में टी20 फॉर्मेट की लोकप्रियता बढ़ने के बाद टेस्ट मैच में फैंस की रुचि कम हुई है। टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता बनाए रखने के लिए इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। खिलाड़ियों ने अब टेस्ट क्रिकेट खेलने का तरीका बदल दिया है। अब बल्लेबाज आक्रामता के साथ खेलते हैं और अधिकतर टेस्ट मैच के नजीते आ जाते हैं। हालांकि, एक समय ऐसा भी था, जब अधिकतर टेस्ट मैच ड्रॉ हो जाते थे। पूरे पांच दिन खेल होने के बाद नतीजा नहीं निकलता था।
आज के समय में भी कई टेस्ट मैच ड्रॉ हो जाते हैं। हालांकि, कई मैच दो से तीन दिन में भी खत्म हो जाते हैं। क्रिकेट इतिहास का सबसे छोटा टेस्ट मैच लगभग एक घंटे में ही खत्म हो गया था। इसमें कुल 61 गेंदों का खेल हुआ था। इसके बाद अंपायरों ने मैच रोक दिया था। यह मैच 1998 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया था। इस मुकाबले में अंपायरों ने खिलाड़ियों को बचाने के लिए मैच रद्द कर दिया था।