शिखर धवन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज की शुरुआत से पहले कहा है कि टीम के कप्तान लोकेश राहुल इस सीरीज में काफी कुछ सीखेंगे। वनडे सीरीज से पहले पत्रकारों से बात करते हुए धवन ने कहा कि भारत के युवा खिलाड़ी भी इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और भविष्य के लिए टीम में अपना दावा मजबूत करेंगे। इसके साथ ही धवन ने यह भी बताया है कि कैसे अध्यात्मिकता उन्हें खुश रहने में और नकारात्मक चीजों से दूर रहने में मदद करती है।
भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। 18 से 22 अगस्त के बीच होने वाली वनडे सीरीज में कई युवा खिलाड़ियों के पास अपनी छाप छोड़ने का मौका होगा। हालांकि, धवन के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए ईशान किशन, शुभमन गिल और ऋतुराज गायकवाड़ अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, लेकिन राहुल की वापसी के बाद इन सभी को मौका मिलना मुश्किल है। ऐसे में ये खिलाड़ी मध्यक्रम में खेलते दिख सकते हैं।
युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास की कमी नहीं
शिखर धवन ने भारत के युवा खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि ये खिलाड़ी काफी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और सभी काफी अलग हैं। सभी के पास अच्छी तकनीक है। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल की वजह से भारतीय टीम में कई युवा खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। उनका आत्मविश्वास काफी ज्यादा है और इसी वजह से वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतने अच्छे तरीके से ढल जाते हैं।
लय में हैं जिम्बाब्वे के खिलाड़ी
जिम्बाब्वे के खिलाड़ी शानदार लय में हैं। हाल ही में इस टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में जीत हासिल की थी। इस जीत के बाद जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरा हुआ है। इस पर धवन ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ उन्हें जीत मिली यह अच्छी बात है। मैं निश्चिंत हूं की वो अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं, इसी वजह से उन्हें जीत मिली है। यह हमारे लिए अच्छी चीज है। हम किसी को हल्के में नहीं ले सकते और हमें जीत के लिए अच्छा खेल दिखाना होगा।
राहुल की वापसी सुखद
धवन को पहले इस सीरीज के लिए भारत का कप्तान बनाया गया था, लेकिन बाद में लोकेश राहुल ने फिटनेस टेस्ट पास किया और टीम में जगह बनाई। इसके साथ ही उन्हें टीम का कप्तान भी बनाया गया। धवन ने कहा "यह बहुत अच्छी खबर है कि केएल राहुल टीम में वापस आए हैं और कप्तानी कर रहे हैं। वो टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं और एशिया कप से पहले उनके लिए यह दौरा बेहद अहम है। मैं निश्चिंत हूं कि वो इस सीरीज से काफी कुछ सीखेंगे।"
वनडे क्रिकेट की अहमियत भी बताई
अंत में शिखर धवन ने वनडे क्रिकेट की अहमियत पर जोर डालते हुए कहा "यह बहुत सुंदर फॉर्मेट है। यह काफी संतुलित फॉर्मेट है, जहां आपको पता होना चाहिए कि कब आक्रामक खेल दिखाना है और कब संभलकर खेलना है। यह भागमभाग वाला फॉर्मेट नहीं है। हम लंबे समय से इसे खेलते आ रहे हैं और मैं इसे खेलना पसंद करता हूं।
अध्यात्म के जरिए दूर करते हैं नकारात्मक बातें
धवन ने बताया कि वो अध्यात्म का सहारा लेकर नाकारात्मक बातों से खुद को दूर रखते हैं। उन्होंने कहा कि वो इसका अभ्यास करते हैं और युवा खिलाड़ियों को भी यह सिखाना चाहते हैं। एक क्रिकेटर के रूप में आप देश के लिए खेलते हैं और आपका खुश रहना जरूरी है। अगर आप खुश नहीं हैं तो आपके खेलने का कोई मतलब नहीं है। ऐसे में आपको छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज करना होता है और नकारात्मक बातों को दूर रखकर खुश रहना जरूरी है।