उन्होंने कहा, 'या राज्यों की छोटी टीमों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, क्योंकि पिछले पांच साल में सितांशु कोटक के मार्गदर्शन में सौराष्ट्र की टीम तीन बार फाइनल में खेली (हाल के वर्षों में हमने गेंद और बल्ले से कुछ शानदार प्रदर्शन किए) लेकिन हमें वह श्रेय नहीं मिला, जिसके हम हकदार थे।'
प्रथम श्रेणी में 66 मैच खेलने वाले जैक्सन ने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में वह यह जानने के हकदार हैं कि उनमें कहां कमी है। पिछले रणजी सत्र में 2 शतक और 7 अर्धशतक जड़ने वाले जैक्सन ने कहा, 'मुझे कहा गया है कि सवाल मत उठाओ, लेकिन मेरा मानना है कि हम इस खूबसूरत संस्थान और संघ का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक खिलाड़ी के रूप में निश्चित तौर पर यह जानने के हकदार हैं कि हमारे अंदर कहां और क्या कमी है या फिर हमारा करियर यही सोचते हुए खत्म हो जाएगा कि ऐसा क्यों हुआ? चयनकर्ताओं को पारदर्शी होना चाहिए।'
बंगाल के बल्लेबाज मनोज तिवारी ने भी ट्विटर पर जैक्सन का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'क्या आप दर्द महसूस कर सकते हो शेल्डन। आपकी हताशा सही है। डटे रहो। भगवान हमेशा आपकी रक्षा करे।'