कप्तान बदलने के साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट टीम की किस्मत भी बदल गई। वनडे सीरीज 1-4 से गंवाने के बाद टी-20 में नए कप्तान के साथ मैदान पर पाक टीम उतरी और सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड भी बना लिया।
पाक उन चंद टीमों में से है जिसके पास एक समय में 3-3 अंतरराष्ट्रीय कप्तान हैं। टेस्ट में टीम की कमान मिस्बाह-उल-हक के पास है तो वनडे के कप्तान अजहर अली हैं। लेकिन फटाफट क्रिकेट यानि टी-20 के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज सरफराज अहमद ने पाक टीम की अगुवाई की। खास बात यह है कि सरफराज का बतौर कप्तान यह पहला टी-20 मैच था जिसमें उनको जीत मिली।
5 मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड के हाथों शुरुआती 4 मैच हारने के बाद पाकिस्तान पर सीरीज में सूपड़ा साफ होने का डर बना हुआ था लेकिन इसी सरफराज अहमद ने लाजवाब पारी खेलकर अपनी टीम को क्लीन स्वीप से बचा लिया। अब इन्हीं सरफराज की अगुवाई में पाक टीम इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच खेलने उतरी तो टीम का मिजाज बदला हुआ था। मैनचेस्टर में खेले गए टी-20 मैच में इंग्लैंड को हराते हुए इस खेल के इतिहास में अपनी सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड भी बना दिया।
रिकॉर्ड जीत के साथ ही पाक ने टी-20 सीरीज पर कब्जा भी जमा लिया। इस जीत के साथ ही पाक टीम ने अपना दौरा खत्म किया। उसका यह दौरा ऐतिहासिक रहा क्योंकि टेस्ट सीरीज को 2-2 से बराबरी पर खत्म कराने के बाद टेस्ट इतिहास में पहली बार नंबर वन टीम बनी। इसके बाद अंतिम वनडे में अपने सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने का रिकॉर्ड बनाया। फिर टी-20 में यही रिकॉर्ड अपने नाम किया।