ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज शेन वॉर्न के निधन के बाद उनका शरीर पोस्ट मार्टम के लिए ले जाया गया है। माना जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शेन वॉर्न का शरीर ऑस्ट्रेलिया ले जाया जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं थाइलैंड पुलिस ने कहा है कि वॉर्न की मौत सामान्य है और इसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया है। 52 साल के वॉर्न थाइलैंड में अपने विला में बेहोश पाए गए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
शेन वॉर्न के बच्चों के लिए यह बहुत मुश्किल समय है। उनके बड़े बेटे जैक्सन ने कहा कि उन्हें अभी भी लगता है कि एक दिन वॉर्न चलकर उनके दरवाजे पर आएंगे। यह उनके लिए बुरे सपने की तरह है।
दोस्तों ने 20 मिनट तक की जान बचाने की कोशिश
शेन वॉर्न के दोस्तों ने 20 मिनट तक उनकी जान बचाने की कोशिश की थी और उन्हें मुंह से सांस देने का भी प्रयास किया था, लेकिन वो सफल नहीं हुए। बाद में अस्पताल के डॉक्टर और आपातकालीन टीम ने भी उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन सभी के प्रयास विफल रहे। अब तक वॉर्न की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद उनकी मौत से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।
लेग स्पिन के बादशाह रहे वॉर्न
शेन वॉर्न दुनिया के सबसे बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों में शामिल हैं। उन्होंने 1992 में भारत के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। वो पहले गेंदबाज हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक हजार विकेट पूरे किए थे। वहीं टेस्ट में उनके नाम 708 विकेट और वनडे में 293 विकेट हैं। वॉर्न ने अपनी टीम को फाइनल जिताने में भी अहम भूमिका निभाई है।