संन्यास और विदाई की तमाम अटकलों के बीच पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में अपने विदाई मैच को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक अखबार से बातचीत के दौरान अफरीदी ने सीनियर खिलाड़ियों की जोरदार विदाई को लेकर कई बातें कहीं।
अफरीदी ने कहा कि हमारे देश में सीनियर खिलाड़ियों को सम्मानजनक विदाई नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा, "पीसीबी को इस विषय में ध्यान देना चाहिए कि बड़े खिलाड़ियों ने टीम के लिए क्या किया है और उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी जानी चाहिए।"
अफरीदी का मानना है कि यह हमारे कल्चर में नहीं रहा है। हर खिलाड़ी चाहता है कि वो अच्छे प्रदर्शन के साथ खेल को अलविदा कहे। जिन खिलाड़ियों ने बड़े मौके पर देश की लाज बचाई, उन्हें इज्जत के साथ संन्यास लेने का अधिकार है।
अफरीदी को अभी भी है मैच खेलकर विदाई लेने की आस
शाहिद अफरीदी
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1996 में केन्या के खिलाफ वनडे मैच से डेब्यू करने वाले शाहिद अफरीदी ने अपने करियर में कई दफा उतार-चढ़ाव देखा है। अफरीदी ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में मिलाकर 523 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। कुल अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वालों की सूची में वह छठे नंबर पर आते हैं।
अफरीदी ने कहा, “मैंने इंजी भाई (वर्तमान में पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर इंजमान-उल-हक) से बात की, जो मेरे बड़े भाई की तरह हैं। उन्होंने मुझे वही बताया जो मेरे और पाकिस्तान क्रिकेट के लिए बेहतर होगा।”
वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए चयन से नजरअंदाज हुए अफरीदी को उम्मीद थी कि वह बतौर 16वां सदस्य टीम के साथ होंगे। अफरीदी ने कहा, “क्रिकेट बोर्ड परिवार के मुखिया की तरह होता है। मीडिया के बजाय पाक क्रिकेट बोर्ड को सामने आना चाहिए। मैं टी-20 वर्ल्ड कप में अच्छा खेलकर संन्यास लेना चाहता था, मगर बुरी परफॉमेंस के चलते ऐसा न हो सका।”