सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया- अफरीदी ने पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी के साथ बातचीत की है। सेठी ने उन्हें पहले अंतरिम मुख्य चयनकर्ता के रूप में काम करने के लिए राजी किया था, लेकिन अब नियमित मुख्य चयनकर्ता की भूमिका जारी रखने की संभावना पर चर्चा हुई है। यह चर्चा एशिया कप और भारत में होने वाले विश्व कप को देखकर हुई है।
शाहिद अफरीदी
सूत्र ने कहा कि जिस तरह से अफरीदी और उनके साथी चयनकर्ता- अब्दुल रज्जाक, राव इफ्तिखार और हारून रशीद ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए खिलाड़ियों को चुना था, उससे सेठी खुश हैं। सूत्र ने बताया कि इस बात की प्रबल संभावना है कि शाहिद को अपने पद पर बने रहने के लिए राजी किया जाएगा और एक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा, जहां वह अपने फाउंडेशन के काम को भी समय दे सकें।
एक अन्य सूत्र ने कहा कि सेठी आर्थर के जवाब का इंतजार कर रहे हैं, जिन्हें पाकिस्तान टीम के मुख्य कोच के रूप में लौटने के लिए कहा गया है। सूत्र ने बताया कि आर्थर, जिनका वर्तमान में डर्बीशायर काउंटी के साथ एक लंबा अनुबंध है, उन्होंने अपने विकल्पों और स्थिति पर विचार करने के लिए कुछ समय मांगा है और कहा है कि वह इस महीने के अंत में एक ठोस जवाब के साथ वापस आएंगे।
मिकी आर्थर
आर्थर ने 2016 से 2019 तक पाकिस्तान के मुख्य कोच के रूप में काम किया। सेठी के इस्तीफा देने और 2019 विश्व कप के बाद एहसान मणि के नए प्रबंधन ने बोर्ड की कमान संभालने के बाद उन्हें अपने अनुबंध से मुक्त कर दिया गया था। सूत्र ने कहा कि आर्थर ने कोच के रूप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने में भी दिलचस्पी दिखाई थी। रमीज राजा के पीसीबी अध्यक्ष बनने के बाद सकलेन मुश्ताक को पाकिस्तान का हेड कोच बनाया गया था। अब उन्हें हटाने पर विचार हो रहा है।
पीसीबी के लिए अच्छी बात यह है कि न्यूजीलैंड के 14 जनवरी को पाकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद मार्च में पाकिस्तान सुपर लीग समाप्त होने के बाद अप्रैल तक टीम के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता नहीं है। सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान को इस सीरीज के बाद सीधे अप्रैल-मई में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे और पांच टी20 मैचों में खेलना है।
इसके बाद वह श्रीलंका के साथ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे और फिर अगस्त से पहले अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे खेलेंगे और उसके बाद एशिया कप और विश्व कप खेलेंगे। ऐसे में पीसीबी के पास टीम के लिए अपने नए प्रबंधन को अंतिम रूप देने का समय है।